
Rajasthan CM Ashok Gehlot directions ahead of PM Narendra Modi Mangarh Dham Banswara Visit : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राजस्थान में बांसवाड़ा स्थित मानगढ़ धाम में 1 नवंबर को प्रस्तावित दौरे की तारीख नज़दीक आने के साथ ही सियासी पारा भी गरमा रहा है। प्रधानमंत्री की यात्रा के मद्देनज़र राज्य की गहलोत सरकार में भी हलचलें तेज़ होती दिख रही हैं। इस दौरे को लेकर राज्य सरकार की गंभीरता का अंदाज़ा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शनिवार को बाकायदा मानगढ़ धाम के विकास कार्यों और प्रधानमंत्री के प्रस्तावित दौरे की तैयारियों के एकमात्र एजेंडे को लेकर अपने आवास में अफसरों की विशेष बैठक बुलाई और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
गौरतलब है कि प्रदेश में वर्ष 2023 के आखिर में विधानसभा चुनाव होने हैं, जबकि उससे पहले प्रदेश से सटे गुजरात में भी विधानसभा का महत्वपूर्ण चुनाव होना है। इन सभी के बीच प्रधानमंत्री का बांसवाड़ा स्थित मानगढ़ धाम दौरा काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
मानगढ़ धाम के विकास पर फोकस
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शनिवार को मुख्यमंत्री निवास पर मानगढ़ धाम के विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने कहा कि आदिवासियों के तीर्थ मानगढ़ धाम के विकास के लिए राज्य सरकार निरंतर कार्य कर रही है। इसे राष्ट्रीय महत्व का स्मारक घोषित कराने की दिशा में भी राज्य सरकार निरंतर प्रयासरत है।
प्रधानमंत्री को दो बार लिखे पत्र गहलोत ने राज्य सरकार द्वारा मानगढ़ धाम पर करवाए जा रहे विभिन्न विकास कार्यों को समयबद्ध पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही 1 नवम्बर को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रस्तावित बांसवाड़ा दौरे के लिए आवश्यक तैयारियां पूरी करने के भी निर्देश दिए। गहलोत ने कहा कि प्रधानमंत्री को दो बार पत्र लिखकर राजस्थान के बांसवाड़ा जिले में स्थित मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय महत्व का स्मारक घोषित करने की मांग की है।
प्रधानमंत्री को वादा याद दिलाया
मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में प्रधानमंत्री को अवगत करवाया कि वर्ष 1913 में मानगढ़ में गोविन्द गुरू के नेतृत्व में एकत्रित वनवासियों पर ब्रिटिश सेना ने फायरिंग की। इस फायरिंग में 1500 से अधिक वनवासियों ने अपना बलिदान दिया। वनवासियों के बलिदान एवं गोविन्द गुरू के योगदान को रेखांकित करने के लिए राज्य सरकार ने मानगढ़ धाम में जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम संग्रहालय बनाया है।
गहलोत ने लिखा कि जनजाति/आदिवासी बहुल क्षेत्र बांसवाड़ा, डूंगरपुर आदि जिलों के जनप्रतिनिधियों द्वारा मानगढ़ को राष्ट्रीय महत्व का स्मारक घोषित किये जाने की मांग की जा रही है। पूर्व में 8 अगस्त, 2022 को भी इस मांग को लेकर मुख्यमंत्री की ओर से केन्द्र को पत्र लिखा गया था।
राष्ट्रीय स्मारक घोषित करने की बताई वजह राष्ट्रीय प्राचीन स्मारकों को प्राचीन संस्मारक तथा पुरातत्वीय स्थल और अवशेष अधिनियम, 1958 के तहत परिभाषित किया गया है। अधिनियम के तहत ऐतिहासिक, पुरातात्विक एवं वास्तुकला संबंधी महत्व को ध्यान में रखते हुए राष्ट्रीय महत्व के स्मारकों की घोषणा की जाती है। इस दृष्टि से देखा जाए तो आजादी की अलख जगाने के लिए 1500 आदिवासी भाइयों के सर्वोच्च बलिदान के कारण यह स्थल ऐतिहासिक महत्व की हो जाती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय संस्मारक प्राधिकरण इस सम्बन्ध में उचित कार्यवाही कर मानगढ़ को राष्ट्रीय महत्व का स्मारक घोषित कर सकती है।
सीएम गहलोत ने प्रधानमंत्री मोदी से मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय महत्व के स्मारक का दर्जा प्रदान कराने का आग्रह किया, ताकि अमूल्य बलिदान देने वाले वनवासियों एवं नवचेतना के संचार में योगदान देने वाले महान संत श्री गोविन्द गुरू को सच्ची श्रद्धांजलि अर्पित की जा सके।
ये रहे बैठक में मौजूद
बैठक में कला एवं संस्कृति मंत्री डॉ बीडी कल्ला, जल संसाधन मंत्री महेन्द्रजीत सिंह मालवीय, जनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्री अर्जुन सिंह बामनिया, मुख्य सचिव उषा शर्मा, प्रमुख शासन सचिव वित्त अखिल अरोड़ा, प्रमुख शासन सचिव पर्यटन गायत्री राठौड़, जिला कलक्टर बांसवाड़ा प्रकाश चन्द शर्मा, अतिरिक्त महानिदेशक एचसीएम रीपा टीकमचन्द बोहरा, निदेशक पुरातत्व एवं संग्रहालय डॉ. महेन्द्र खड़गावत सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
Published on:
24 Oct 2022 10:58 am
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