
Ashunya Shayan Puja Vrat Vidhi Goddess Laxmi Puja Vidhi
जयपुर. 2 नवंबर 2020 को कार्तिक माह की कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि है। इस दिन भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा की जाती है। इस दिन व्रत रखने का भी बहुत महत्व बताया गया है। ज्योतिषाचार्य पंडित सोमेश परसाई बताते हैं कि कार्तिक कृष्ण पक्ष द्वितीया के दिन अशून्य शयन व्रत पूजा होती है।
खास बात यह है कि इस दिन पूजा व व्रत में हर काम का दोगुना फल मिलता है। अशून्य शयन व्रत के दिन शेयर बाजार में खरीदी, सोना चांदी खरीदना, ज़मीन जायदाद आदि खरीदना बहुत लाभकारी माना जाता है। इस दिन नए काम में इन्वेस्टमेंट करने से दुगुना लाभ होता है। खासतौर पर नया बिजनेस शुरू करने के लिए यह दिन बहुत शुभ होता है।
ज्योतिषाचार्य पंडित नरेंद्र नागर के अनुसार पद्मपुराण में इस व्रत का उल्लेख किया गया है। अशून्य शयन व्रत करते हुए जो भी कार्य शुरू किया जाता है उसमें दोगुना लाभ होता है। अशून्य शयन व्रत में नियमों का पालन किया जाना जरूरी है। इस व्रत में शाम को स्नान करके भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा की जाती है। पूजा में केले का प्रसाद अर्पित करते हैं।
विष्णु और लक्ष्मीजी के विग्रह पर अक्षत्, गंध, पुष्प, धूप और नैवेद्य अर्पित करें। विष्णु और लक्ष्मीजी के मंत्रों का जाप करें या श्रीसूक्त और पुरुष सूक्त का पाठ करें। रात होते ही विष्णुजी और लक्ष्मीजी को शयन करवा दें। व्रत रखते हुए दिनभर सिर्फ फलाहार करें, हो सके तो मौन धारण करें।
Published on:
01 Nov 2020 06:05 pm
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