
एसेट मैनेजमेंट कंपनियों के पास भी पीएमएस के ऑफर्स... पर पर्सनल टच नहीं
भारत में अमीरों की तादाद बढ़ती जा रही है। न केवल हाई नेट वर्थ इंडिविजुअल की आबादी बढ़ी है, बल्कि उनकी निवेश प्राथमिकताएं भी बदली हैं। वे पोर्टफोलियो मैनेजमेंट सर्विसेज और वैकल्पिक निवेश कोष या ऑल्टर्नेट इनवेस्टमेंट फंड जैसे विशेष रूप से अमीरों के लिए बने प्रोडक्टस की तेजी से मांग करने लगे हैं। ऐसे प्रोडक्ट बढ़ते ग्राहकों को आकर्षित कर रहे हैं। एसेट मैनेजमेंट कंपनियों के पास भी पीएमएस के ऑफर्स होते हैं, लेकिन कुछ में पर्सनल टच नहीं होता है। 2022 जैसे उथल—पुथल भरे वर्ष में जब महंगाई, बढ़ती ब्याज दरों, रूस-यूक्रेन संकट और वैश्विक मंदी की आशंकाओं के कारण दुनिया भर के बाजारों में गिरावट आई।
बिजनेस-मैनेजमेंट-वैल्यूएशन ट्रायड
असेट मैनेजमेंट के लिए जिस फैक्टर ने काम किया वह बिजनेस मैनेजमेंट वैल्यूएशन ट्रायड है। बीएमवी फ्रेमवर्क मजबूत बिजनेस मॉडल, क्वालिटी मैनेजमेंट और उचित मूल्यांकन वाली कंपनियों को चुनने के बारे में है। उदाहरण के लिए, पीएमएस पोर्टफोलियो 2022 में अपने समृद्ध मूल्यांकन के कारण आईटी शेयरों पर कम वजन वाला रहा, भले ही आईटी कंपनियों के पास अच्छा व्यवसाय और क्वालिटी मैनेजमेंट हो। आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल एएमसी में पीएमएस और एआईएफ निवेश के प्रमुख आनंद शाह कहते हैं कि यह समझना जरूरी है कि आरामदायक हमेशा लाभदायक नहीं होता। इसलिए, एक अच्छे व्यवसाय का हमेशा यह मतलब नहीं होता है कि यह एक अच्छा निवेश अवसर है। इसके अलावा, अच्छे व्यवसाय जो हर किसी के लिए जाने जाते हैं, अक्सर सस्ते नहीं आते हैं। हमारा उद्देश्य उन इन्वेस्टमेंट आइडियाज की पहचान करना है, जो अभी तक पूरी तरह से खोजे नहीं गए हैं।
आय वृद्धि में स्थिरता पर अवश्य सोचा जाना चाहिए
एएमसी के पास रिसर्च विशेषज्ञों और फंड मैनेजरों की एक मजबूत टीम है, जिनका एक लांग टर्म अप्रोच है और जो बेहतर रिस्क-रिवार्ड क्षमता के साथ बेहतरीन पोर्टफोलियो बनाते हैं। शाह कहते हैं कि यदि कोई लंबी अवधि के लिए निवेश कर रहा है, तो आय वृद्धि में स्थिरता पर अवश्य सोचा जाना चाहिए। हम यह भी मानते हैं कि भविष्य के विकास और कमाई की संभावना वाले सेक्टर की अच्छी कंपनियों की पहचान करके, शॉर्ट टर्म मार्केट की अस्थिरता को दूर करने और लॉन्ग टर्म वैल्यू क्रिएशन पर ध्यान केंद्रित करने का लक्ष्य रखा जा सकता है। 2023 और उससे आगे का अनुमान लगाते हुए उनका मानना है कि विकास का पहिया मैन्युफैक्चरिंग और इससे जुड़े संबद्ध व्यवसायों, बैंकिंग, दूरसंचार, रियल एस्टेट जैसे क्षेत्रों की ओर बढ़ सकता है। हम दूरसंचार और रियल एस्टेट के भीतर की खास कंपनियों में अवसर देखते हैं जहां आय समर्थन और मूल्यांकन दोनों ही उचित प्रतीत होते हैं।
पोर्टफोलियो निर्माण के साथ संस्थागत बढ़त भी
एक मजबूत संस्था से ताल्लुक रखने वाली, इन्स्टिट्यूशनल ग्रेड रिस्क मैनेजमेंट, कम्प्लायन्स, निवेश और अनुसंधान प्रक्रियाएं, डिस्ट्रीब्यूशन और बैक-एंड स्ट्रेन्थ बिजनेस में स्वाभाविक रूप से आती हैं। आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल एएमसी के वैकल्पिक निवेश, बिजनेस डवलपमेंट के प्रमुख शारजाद सेठना कहते हैं कि हम इस उद्योग में दो दशकों से अधिक समय से हैं। हम अपने संभावित निवेशकों को हमारी प्रक्रिया को समझने के लिए प्रोत्साहित करते हैं और फिर अपनी मेहनत की कमाई को हमारी किसी भी ऑफर के लिए आवंटित करने पर विचार करते हैं। आईप्रू एएमसी अपनी वैकल्पिक पेशकशों के माध्यम से न केवल आपको बुटीक-स्वरूप वाला पोर्टफोलियो निर्माण प्रदान करता है, बल्कि एक संस्थागत बढ़त भी देता है। आईप्रू पीएमएस पीआईपीई स्ट्रेटेजी और आईप्रू पीएमएस कॉन्ट्रा स्ट्रेटेजी 2022 में सबसे अच्छा परफॉर्मेंस करने वालों में से प्रत्येक ने 20 प्रतिशत की बढ़त हासिल की है। 500 करोड़ रुपए से अधिक एयूएम वाली अधिकांश पीएमएस स्कीम ने इसी अवधि के दौरान नकारात्मक रिटर्न दिया है। इन योजनाओं का दीर्घावधि का परफॉरमेंस और भी बेहतर रहा। 31 दिसंबर 2022 को समाप्त होने वाली तीन साल की अवधि में तीनों योजनाओं ने क्रमशः 29 प्रतिशत, 24 प्रतिशत और 17 प्रतिशत रिटर्न दिया।
Published on:
31 Jan 2023 04:24 pm
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