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खुले बाजार में बिक्री, टूटे गेहूं के दाम, आटा, मैदा और सूजी भी नरम

गेहूं एवं गेहूं उत्पादों की बढ़ती कीमतों पर रोक लगाने के लिए केन्द्र सरकार ने हाल ही अपने बफर स्टॉक से 30 लाख टन गेहूं खुले बाजार में बेचने की घोषणा की है।
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जयपुर

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Narendra Singh Solanki

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Updated: 30 Jan 2023, 11:29 AM IST

खुले बाजार में बिक्री, टूटे गेहूं के दाम, आटा, मैदा और सूजी भी नरम

खुले बाजार में बिक्री, टूटे गेहूं के दाम, आटा, मैदा और सूजी भी नरम

गेहूं एवं गेहूं उत्पादों की बढ़ती कीमतों पर रोक लगाने के लिए केन्द्र सरकार ने हाल ही अपने बफर स्टॉक से 30 लाख टन गेहूं खुले बाजार में बेचने की घोषणा की है। इसका परिणाम यह हुआ कि मंडियों में गेहूं 250 रुपए प्रति क्विंटल सस्ता हो गया है। मिल डिलीवरी दड़ा गेहूं के भाव आज यहां सोमवार को 2900 रुपए प्रति क्विंटल रह गए। समर्थन पाकर आटा, मैदा एवं सूजी में भी गिरावट दर्ज की गई। स्थानीय सूरजपोल मंडी स्थित विनायक ट्रेडिंग कंपनी के सतीश मोदी ने कहा कि खुले बाजार में गेहूं बेचने के सरकार के इस फैसले से गेहूं की कीमतों में और गिरावट आने की संभावना है। मोदी ने बताया कि आटा मिलों को गेहूं ई-नीलामी के माध्यम से बेचा जाएगा। वहीं, गेहूं पीसकर आटा बनाने और उसे जनता तक 29.50 रुपए प्रति किलो में पहुंचाने के लिए एफसीआई 23.50 रुपए प्रति किलो की दर से गेहूं उपलब्ध कराएगी।

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एक माह पहले लेना चाहिए था फैसला

राजस्थान खाद्य पदार्थ व्यापार संघ के अध्यक्ष बाबूलाल गुप्ता ने बताया कि सरकार को यह फैसला एक माह पहले ही कर लेना चाहिए था। अब सरकार ने सही कदम उठाया है। इससे गेहूं की थोक एवं खुदरा कीमतें शीघ्र ही पांच-छह रुपए प्रति किलो घट जाएंगी। गौरतलब है कि जयपुर मंडी में मिल डिलीवरी दड़ा गेहूं 3150 रुपए प्रति क्विंटल बिक गया था। वहीं, दिल्ली में गेहूं के दाम 3300 रुपए प्रति क्विंटल तक पहुंच गए थे। सरकार के इस कदम से वर्तमान में 2900 रुपए प्रति क्विंटल में भी गेहूं के लिवाल नहीं हैं। राजस्थान एवं अन्य प्रदेशों में भी नए गेहूं की आवक अप्रेल तक हो जाती है। इसे देखते हुए गेहूं में अब लंबी तेजी के आसार समाप्त हो गए हैं।