
Asad Ahmed Encounter Update: अतीक अहमद के बेटे असद के एनकाउंटर में मारे जाने के बाद से कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं। यूपी से लेकर दिल्ली तक एनकाउंटर को लेकर राजनीति का बाजार गर्म है। उत्तरप्रदेश पुलिस ने असद के बारे कई खुलासे किए हैं। सबसे अहम है असद का क्या है अजमेर कनेक्शन ? यूपी पुलिस ने बताया कि वह गिरफ्तारी से बचने के लिए अजमेर तक जा पहुंचा और वहां कुछ दिनों तक छिपा रहा, इसके बाद ही वह अजमेर से झांसी पहुंचा। पुलिस ने असद का पूरा रूट प्लान डिकोड कर सबके सामने रख दिया है।
यूपी पुलिस और एसटीएफ ने कई चौंकाने वाले तथ्य सामने रखे हैं, जिनके बारे में अभी तक किसी को जानकारी तक नहीं थी। उन्होने बताया कि अतीम अहमद के बेटे असद ने 24 फरवरी को प्रयागराज में उमेश पाल की हत्या के बाद शहर छोड़ दिया था। प्रयागराज के बाद वह कानपुर, नोएडा और दिल्ली गया था। इसी दौरान असद राजस्थान के अजमेर शहर भी गया।
इसके सबसे पहले कानपुर से नोएडा पहुंचा, जहां डीएनडी में पहले से मौजूद अपने गुर्गों से मिला। उनके साथ वह दिल्ली की संगम विहार कॉलोनी में पहुंचा और करीब 15 दिन तक वहां पर रुका। इसके बाद दिल्ली से अजमेर तक पहुंचा वहां भी कुछ दिन रुका जिसका रिकॉर्ड पुलिस खंगालने में जुटी है। यहां से वह वापस झांसी पहुंचा जिसकी रिपोर्ट इंटेलिजेंस को मिली और फिर इसका एनकाउंटर हुआ।
शिकंजा कसने की तैयारी में पुलिस:
यूपी पुलिस ने संकेत दिए हैं कि दिल्ली से अजमेर और फिर वापस झांसी के बीच जहां जहां उसके मददगार थे उनको डिकोड करने में पुलिस लगी है। जल्द ही पुलिस इसका खुलासा करेगी। पुलिस इन लोगों पर शिकंजा कसने की तैयारी कर रही है जो बीते कुछ समय से असद को संरक्षण दे रहे थे। इस पूरे मामले में जांच कर रही एजेंसी के पास ऐसी पुख्ता जानकारियां हैं कि जिन लोगों ने असद को इन शहरों में संरक्षण दिया, वे सब अतीक के न सिर्फ गुर्गे हैं, बल्कि उसके इशारे पर दहशत भी पैदा करते थे। मुठभेड़ से पहले करीब 48 दिनों तक असद और गुलाम मुस्लिम अतीक के गुर्गों के साथ लगातार इन्हीं शहरों में अपना ठिकाना बनाए हुए थे।
अतीक के लिए करते थे उगाही:
प्रयागराज के बाद वह कानपुर, नोएडा और दिल्ली गया था। इसी दौरान असद राजस्थान के अजमेर शहर भी गया। एसटीएफ से जुड़े सूत्रों का कहना है कि असद की इन शहरों में जिन लोगों से मुलाकात हुई और जो लोग असद के साथ बने हुए थे अब उन सभी को ट्रैक किया जा रहा है। कुछ लोग तो असद के साथ प्रयागराज से लेकर अजमेर तक लगातार साथ बने रहे।
अब जल्द ही उन सभी लोगों पर भी कार्रवाईयां होंगी, जिन लोगों ने असद को आश्रय दिया हुआ था। त्रों सूके मुताबिक दिल्ली और नोएडा में जिन लोगों ने असद को शरण दी थी, वह प्रयागराज और कानपुर में अतीक के नाम पर पहले न सिर्फ धन की उगाही करते थे, बल्कि कई मामलों में अपहरण जैसे संगीन मामलों में वांछित भी रहे हैं।
Published on:
14 Apr 2023 11:44 am
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