
cold response to online donation scheme of Rajasthan congress
सुनील सिंह सिसोदिया
जयपुर। बीकानेर पूर्व सीट से चुनाव मैदान में उतरे कन्हैयालाल झंवर को पहले टिकट मिलने, फिर कटने और बाद में फिर दिए जाने को लेकर प्रदेश प्रभारी अविनाश पाण्डे ने कहा कि झंवर को टिकट सभी नेताओं की आमसहमति बनने पर ही दिया गया है, यदि डूडी टिकट उनके कहने पर मिलने की बात करते हैं, तो गलत है।
उन्होंने कहा कि वहां एक पक्ष विरोध में और दूसरा पक्ष में था। इसलिए यह हालात बने। टिकट देने का निर्णय कांग्रेस किसी एक नेता के दबाव में नहीं लेती। चुनावी रणनीति में क्या उत्तम है। इस पर निर्णय चर्चा के बाद ही लिया जाता है।
डूडी ने एक बार टिकट दिए जाने के बाद काटने पर ऐलान किया था कि झंवर को टिकट नहीं मिला तो वे भी चुनाव नहीं लड़ेंगे। इसके बाद पार्टी ने फिर टिकट झंवर को दिया।
पैराशूटी नेता का फर्क समझना जरूरी:
राहुल गांधी के यह कहने की पैराशूटी नेताओं को टिकट नहीं दिया जाएगा। इसके बाद भी दिए जाने को लेकर चल रही चर्चा पर पाण्डे ने कहा, यह फर्क समझना जरूरी है कि पैराशूटी नेता कौन होता है। पैराशूटी वे होते हैं, जो जनता से पूरे पांच साल दूर रहे, फिर भी टिकट मिल जाए। जिन पैराशूटी नेताओं की बात की जा रही है, क्षेत्र में पहचान रखने वाले बड़े नेता हैं। ये पैराशूटर न हीं हैं। वैसे टिकट वितरण को लेकर केंद्रीय चुनाव समिति आज के परिपेक्ष्य में जिताऊ उम्मीदवारों पर निर्णय लेती है। जो उपयुक्त होता है, उसे टिकट देते हैं। एक क्षेत्र में बराबरी के कई नेता होते हैं, अच्छों में अच्छा चुनना होता है।
राहुल का दौरा, सोनिया से भी मांगा समय
राजस्थान में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के चुनाव दौरे फिर 26 नवंबर से शुरू होंगे। पाण्डे ने कहा कि राहुल गांधी कहां आएंगे, यह अभी कार्यक्रम नहीं आया है। सोनिया गांधी के राजस्थान दौरे को लेकर उनका कहना था कि उनसे समय मांगा गया है। लेकिन उनकी ओर से अभी तक स्वीकृति नहीं मिली है। स्वीकृति मिली तो उनके भी राजस्थान में चुनावी दौरे होंगे।
हिन्दुत्व और मुस्लिम के अलावा कोई कार्ड नहीं
प्रदेश में भाजपा की ओर से मात्र एक मुस्लिम को टिकट देकर हिन्दुत्व कार्ड खेले जाने के सवाल पर पाण्डे ने कहा कि भाजपा हिन्दुत्व व मुस्लिम कार्ड ही खेलती हुई आई है। जनता उनके हर कार्ड को समझने लगी है। उसके पास मौका है, वो 7 दिसंबर को शो कर देगी।
बागी नहीं, टिकट की उम्मीद में भर दिया पर्चा
पार्टी के बागियों को लेकर पाण्डे ने कहा, ये नेता बागी नहीं कहे जा सकते। वे नेता ज्यादा हैं, जिन्होंने पार्टी का टिकट मिलने की उम्मीद में नामांकन भर दिया था। लेकिन स्थिति नियंत्रण में है। अधिकांश जिम्मेदार पार्टी कार्यकर्ता और नेता नामांकन वापस ले रहे हैं।
Published on:
22 Nov 2018 10:04 am
