
जयपुर . जिला क्रिकेट संघ के चुनाव के लिए शुक्रवार को बुलाई गई बैठक में मोदी व जोशी गुट के लोगों में जमकर धक्का-मुक्की व लात घूंसे चले। पुलिस ने मशक्कत के बाद हालात काबू में किए। निर्धारित समय तक राज्य क्रीड़ा परिषद की ओर से नियुक्त पर्यवेक्षक व जिला खेल अधिकारी के नहीं पहुंचने से चुनाव प्रक्रिया बाधित हुई। उधर राजस्थान क्रिकेट संघ के सचिव आर.एस. नांदू की ओर से जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि बारां जिला संघ के चुनाव में सूर्यकांत शुक्ला अध्यक्ष और सुरेश गुप्ता सचिव निर्वाचित हुए।
रमेश गुप्ता से मारपीट
क्रीड़ा परिषद की ओर से शुक्रवार दोपहर 12 से 2 बजे तक जिला क्रिकेट संघ के चुनाव कराने की सूचना जारी की गई थी। अचानक चुनाव स्थान बदलने से जोशी गुट के लोग नाराज हो गए। साढ़े 12 बजे तक दूसरे पक्ष के सदस्य मौके पर पहुंचे और उन्होंने नारेबाजी शुरू कर दी। मामला बिगड़ता देख पुलिस अधिकारियों ने मोदी गुट के सचिव रमेश गुप्ता से चुनाव कार्यक्रम के अधिकृत कागजात मांगे। गुप्ता ने घर से कागजात मंगवाए, लेकिन जैसे ही एक युवक कागज लेकर पहुंचा। दूसरे पक्ष के समर्थकों ने कागज फर्जी होने का आरोप लगाते हुए युवक को प्रवेश द्वार पर रोक लिया। गुप्ता दौड़कर पहुंचे तो उनके साथ धक्का-मुक्की व मारपीट की गई। पुलिस से मामला शांत किया। बाद में जोशी गुट की ओर से कलक्ट्रेट पहुंच एडीएम वासुदेव मालावत को ज्ञापन दिया गया।
लोकपाल की वोटर लिस्ट में थे गुप्ता
आरसीए के पूर्व डिप्टी प्रेंसीडेट महमूद आब्दी की जारी विज्ञप्ति में कहा गया है जोशी कैसे चुनाव प्रक्रिया को अवैध बता सकते है। रमेश गुप्ता बारां जिला संघ के सचिव है। आरसीए के चुनाव सुप्रीम कोर्ट की पूर्व न्यायाधीश और लोकपाल ज्ञानसुधा मिश्रा की देखरेख में हुए थे। लोकपाल की वोटर लिस्ट में भी गुप्ता का नाम था।
शर्मनाक स्थिति
आर एस नांदू, सचिव आरसीए ने कहा की यह बेहद शर्मनाक स्थिति है। आरसीए अध्यक्ष सी.पी. जोशी ने चुनाव से एक दिन पहले ही इमेल कर अपनी मंशा जता दी थी। उन्होंने चुनाव में विवाद पैदा करने का प्रयास किया। चुनाव अधिकारी को धमकाने की कोशिश की गई और इतना ही चुनाव प्रक्रिया में बाधा पहुंचाई गई। आरसीए और जिला क्रीड़ा पर्यवेक्षक की मौजूदगी में हुए चुनाव पूरी तरह वैध है।
हमें जानकारी नहीं
महेन्द्र नाहर संयुक्त सचिव आरसीए ,जोशी गुट ने कहा की बारां के चुनाव की हमें कोई जानकारी नहीं है। हमें चुनाव का नोटिस ही नहीं मिला। आरसीए पर्यवेक्षक नियुक्त करने का अधिकार कार्यकारिणी का है, सचिव नांदू का नहीं।
Published on:
21 Apr 2018 01:06 pm
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