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अलर्ट रहें…त्योंहार के सीजन में हैकर्स का ये है नया प्लान, नजर आपकी बचत पर

हाल ही में जयपुर में एक करोड़ रुपए से भी ज्यादा की ठगी का मामला सामने आया है। यह तो सिर्फ एक मामला भर है इस तरह के सैंकड़ों मामले अनलॉक के बाद से सामने आ चुके हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि साइबर ठगी में बरामदगी का प्रतिशत बेहद कम है इसलिए बेहद सावधानी बरतने की जरुरत है।

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Diwali - इस बार ऐसे मनाएं इको फ्रेंडली दीपावली

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जयपुर
त्योंहार के सीजन में आपकी बचत #Hackers हैकर्स और #Cyber-fraud साइबर ठगों के निशाने पर हैं। आप चाहें #online-purchase आनलाइन खरीद करें या नहीं... लेकिन मोबाइल पर फोन कर बातों पर फंसाकर, कई स्कीमें समझाकर आपकी बचत निकाली जा सकती है। हाल ही में जयपुर में एक करोड़ रुपए से भी ज्यादा की ठगी का मामला सामने आया है। यह तो सिर्फ एक मामला भर है इस तरह के सैंकड़ों मामले अनलॉक के बाद से सामने आ चुके हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि साइबर ठगी में बरामदगी का प्रतिशत बेहद कम है इसलिए बेहद सावधानी बरतने की जरुरत है।

अनलॉक के ठीक बाद इस तरह से की ठगी
लाॅकडाउन के चलते बड़ी संख्या में लाेगाें के फ्लाइट व ट्रेन के टिकट, हाेटल बुकिंग, टूर पैकेज बुकिंग आदि रद्द हुई है। साइबर ठग ऐसे लाेगाें का‌े रिफंड का बहाना बनाकर ठगते रहे। वर्क फ्राॅम हाेम के कारण ई-मेल्स की उपयाेगिता बढ़ गई है। इस पर भी साइबर ठगाें की पैनी नजर है। ऑनलाइन वेबिनार तक में ये ठग घुस गए हैं। फिशिंग ई-मेल से भी लाेगाें काे फांसा जा रहा है। यह ऐसी ई-मेल हाेती है, जिसे देखने से लगता है कि यह किसी बैंक या सरकारी व निजी संस्था ने भेजी है। ऐसे भी मामले सामने आए है जिसमें एचआर की आेर से ई-मेल भेजकर प्रमाेशन करने की जानकारी दी गई आैर कहा गया कि सैलेरी अपडेट करने के लिए अकाउंट नंबर भेजे।

त्योंहार के सीजन में अब ये तीन केस आपकों खतरे से बचाएंगे
कोरोना के बाद अब सबसे बड़े त्योंहार यानि #Diwali दिवाली का सीजन आ चुका है। दिवाली के पांच दिन के त्योंहार में लगभग हर व्यक्ति कुछ न कुछ खरीद करता है। आनलाइन साइट्स बडे डिस्काउंट दे रही हैं और लोग बाजार जाने में कम रुचि दिखा रहे हैं इसलिए आनलाइन खरीद भी तेजी से बढ़ रही है। बस इसी माध्यम से अब लोगों को ठगा जा रहा है। तीन केस पिछले दिनों हुए जो आपकी आंखे खोल देंगे। सबसे बड़ा मामला जयपुर से सामने आया। आनलाइन खरीद के बार 74 साल के राजेन्द्र नाथ ने लॉटरी अमाउंट पाने के लिए अपने एक करोड़ बीस लाख रुपए गंवा दिए। जयपुर के ही सांगानेर में रहने वाले मुकेश को उसके डेबिट कार्ड पर दिवाली की स्कीम बताकर छूट देने की बात पर ढाई लाख रुपए निकाल लिए गए। दिवाली पर ये रुपए लेकर मूल रूप से बिहार रहने वाला मुकेश अपने परिवार समेत गांव जाने वाला था। तीसरे केस मे विद्याधर नगर में रहने वाली रचना ने मेल के जरिए मिले लिंक को ओपन करने के बाद अपने खाते से हजारों रुपए गंवा दिए।


नया ट्रेड, ताकि पुलिस को भनक ही नहीं लगे
साइबर पुलिस थाने के अफसरों का कहना है कि आजकल नया ट्रेड चल रहा है कि ताकि पुलिस को ठगी के बारे में कोई सबूत ही नहीं मिले। दरअसल आजकल इंटरनेट कॉलिंग के जरिए ठगों के कॉल आने लगे हैं। इन कॉल को ट्रेस करना या रिकॉर्ड करना या इनका रिकॉर्ड निकालना बेहद ही चुनौतीपूर्ण है। ऐसे में ठग नेट कॉलिंग के जरिए लोगों को निशाना बना रहे हैंं। लॉटरी अमाउंट, पॉलिसी देने, लकी विनर आदि बातों में फंसाकर खातों की जानकारी ले रहे हैं और खाते साफ कर रहे हैं।

इस तरह के कॉल आपके पास भी आ रहे हैं तो सावधानी बरतें
साइबर अफसरों का कहना है कि पिछले कुछ महीनों से ठगी के नए तरीके ट्रेंड में हैं। ठग डब्ल्यूएचओ, बैंक या मंत्रालय के नाम से काॅल करके काेविड से जुड़ी बात करके। इंश्याेरेंस एजेंट बनकर प्रीमियम भरने के लिए कहकर। वाट्सअप पर लिंक भेजकर माेबाइल हैक करके। बैंक व ई-वाॅलेज के कर्मचारी बनकर। माेबाइल पर कांटेक्ट कर लाखाें-कराेड़ाे जीतने का आॅफर देकर और सबसे ज्यादा कोरोना के नाम पर अलग—अलग तरीकों से ठग रहे हैं। इसलिए अपनी बचत बचाने के लिए सावधानी रखना जरुरी है।