
मुहाना मंडी में पत्रिका पड़ताल
हर्षित जैन
जयपुर : फलों का राजा आम स्वाद में जितना रसीला है, उतना ही स्वास्थ के लिए हानिकारक भी हो सकता है। क्योंकि मंडियों में खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण के मानकों को दरकिनार कर हानिकारक कैमिकल से इन्हें पकाया जा रहा है। बाजार में सफेदा, दशहरी, बादाम, लंगड़ा, तोतापुरी और अल्फांसो सहित विभिन्न किस्म के आमों की बहार है। आप जो आम खा रहे हैं, एक बार परख भी लें कि वह प्राकृतिक रूप से पका हुआ है या कैमिकल से।
राजस्थान पत्रिका संवाददाता ने गुरुवार को मुहाना मंडी के फ्रूट ब्लॉक में पड़ताल की तो यहां आमों को जल्द पकाने के लिए कैल्शियम कार्बाइड समेत अन्य हानिकारक रसायनों का उपयोग किए जाने का पता चला। मंडी में हैदराबाद, गुजरात, यूपी, वलसाड़ सहित अन्य जगहों से रोजाना आने वाले आम की 30 से 35 टन बिक्री हो रही है। यही आम बाजारों में फल विक्रेताओं और फिर ठेले वालों के पास पहुंच रहे हैं।
आम की जल्द से जल्द बिक्री और मुनाफा के लालच में व्यापारी जानलेवा रसायन का इस्तेमाल कर रहे हैं। आम की पेटी में रसायन की पुड़िया रखकर या फिर फलों की सतह पर कैल्शियम कार्बाइड के पाउडर का छिड़काव कर रहे हैं। इससे एक-दो दिन में आम पूरी तरह से पक रहे हैं।
फिजिशियन डॉ.विशाल गुप्ता ने बताया कि कैल्शियम कार्बाइड फलों पर आर्सेनिक और फास्फोरस के तत्त्व छोड़ देता है। इसके कारण चक्कर आना, बार-बार प्यास लगना, पेट में जलन, कमजोरी, कोई चीज निगलने में कठिनाई, उल्टी और अल्सर जैसी स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। कैंसर, त्वचा से जुड़ी एलर्जी से लेकर किडनी और लिवर से जुड़ी बीमारियां होने का खतरा होता है। ऐसे में आमों को अच्छी तरह से धोकर ही काम में लेना चाहिए।
खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण के निर्देशों के मुताबिक आम या अन्य फल को इथिफॉस पाउडर से पकाना जरूरी है। इससे पके आम सेहत के लिए सुरक्षित हैं। लेकिन कुछ विक्रेता सस्ते कैल्शियम कार्बाइड से आम को पकाते हैं। इससे एसिटिलीन का निर्माण होता है तो यह तंत्रिका तंत्र पर खासा प्रभाव डाल सकती हैं। आम का रंग हरे से पूरी तरह पीला हो जाता है। खाद्य विभाग की ओर से गर्मी के सीजन में महज एक-दो बार ही मंडियों में जांच कर कैमिकल से आम पकाने के मामलों में कार्रवाई की जाती है।
आम की जांच करने के लिए एक जार में पानी लें। आम को पानी में डालें। अगर आम डूब जाता है तो वह खाने लायक है और पानी में तैरता है तो उसे नहीं खाएं। इसके अलावा कार्बाइड से पकाए आम पर काले और सफेद धब्बे नजर आते हैं। साथ ही यह आम बेहद भी पीला होता है।
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Updated on:
07 Jun 2024 08:04 am
Published on:
07 Jun 2024 08:04 am
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