
जयपुर। पूर्व सीएम अशोक गहलोत शुक्रवार को जयपुर से उत्तर प्रदेश के अमेठी के लिए रवाना हो गए। रवानगी से पहले उन्होंने मीडिया से बातचीत में अमेठी लोकसभा सीट से भाजपा उम्मीदवार स्मृति ईरानी से लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक पर जमकर निशाना साधा। साथ ही उन्होंने अमेठी सीट पर कांग्रेस उम्मीदवार के एल शर्मा की जीत का दावा भी किया।
गौरतलब है कि कांग्रेस आलाकमान ने राजस्थान के पूर्व सीएम अशोक गहलोत को अमेठी लोकसभा सीट के लिए सीनियर ऑब्ज़र्वर नियुक्त किया है। वे वहां जाकर संगठन से जुड़े चुनावी कामकाज की कमान तो संभालेंगे ही, साथ ही साथ प्रचार अभियान में शामिल होकर कांग्रेस पक्ष में माहौल भी बनाएंगे।
गहलोत ने कहा कि मुझे नहीं लगता कि मोदी अब प्रधानमंत्री बनेंगे। उन्होंने कहा कि मैं कोई भविष्यवाणी नहीं कर रहा हूं, लेकिन देश भर के हालात देखकर तो यही लग रहा है।
पूर्व सीएम गहलोत ने कहा कि अमेठी में मिज़ाज़ बदला हुआ है। क्षेत्र के लोगों में मौजूदा सांसद स्मृति ईरानी को लेकर गहरी नाराज़गी है। उन्होंने कहा कि अमेठी में चुनाव जीतने के बाद स्मृति ईरानी अचानक गायब हो गईं। इससे लोगों को अंदाज़ा हुआ कि उनकी ना तो सुनवाई हो रही है और ना ही उन्हें मान सम्मान नहीं मिल रहा है।
गहलोत ने कहा कि राहुल गांधी के सांसद कार्यकाल के दौरान लोगों की सुनवाई भी हो रही थी और उचित मान-सम्मान भी मिल रहा था। इन्हीं सब वजहों से अब अमेठी का मिज़ाज़ बदल गया है, जिससे इस सीट पर कांग्रेस की जीत और भाजपा की हार होना पक्का है।
गहलोत ने अमेठी से कांग्रेस उम्मीदवार के एल शर्मा की जमकर तारीफ़ की और उनकी जीत का दावा किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने उस के एल शर्मा को उम्मीदवार बनाया है, जिसने 40 साल तक संगठन की सेवा की है। लोकसभा क्षेत्र में अब तक हुए चुनावों में पार्टी के पक्ष में कई काम किए हैं।
गहलोत ने कहा कि के एल शर्मा चुनाव जीतने के बाद जनता के ही साथ या उनके बीच रहेंगे, जिनसे लोग सीधी बात भी कर सकेंगे।वो क्षेत्र की जनता के बीच रहते आए हैं और आगे भी रहेंगे। वे लोगों के दुःख-दर्द के बीच हमेशा रहते आये हैं और आगे भी रहेंगे।
प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए अशोक गहलोत ने कहा कि मोदी कभी भी भाजपा के मेनिफेस्टो की बात नहीं करते, बल्कि कांग्रेस के मेनिफेस्टो का पोस्टमॉर्टम करते हैं। वो अपने भाषण में पाकिस्तान और मंगलसूत्र तक की बातें करते हैं।
गहलोत ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी अब तो खुद अडानी-अंबानी का ज़िक्र अपने भाषणों में करने लगे हैं। मोदी सरकार ने चुनिंदा 22 उद्योगपतियों को ही निहाल किया है और लगभग 16 हज़ार करोड़ रूपए तक का कर्ज़ा माफ़ कर दिया है। भाजपा के लोग बौखला गए हैं और उनकी सरकार जा रही है।
एक सवाल के जवाब में गहलोत ने कहा कि गठबंधन की स्थिति में कभी भी कोई एक चेहरा घोषित नहीं होता।चुनाव जीतने के बाद ही चेहरा तय किया जाता है।
गहलोत ने मणिशंकर अय्यर और सैम पित्रोदा की टिप्पणियों पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, 'मेरा मानना है कि भारतीय गठबंधन के सभी नेताओं को कोई भी टिप्पणी करने से पहले सतर्क रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज भाजपा कार्यकर्ता प्रचार करने अपने घरों से बाहर नहीं निकल रहे हैं, क्योंकि उनके प्रचार अभियानों में खुद उनका उम्मीदवार ही अपना नाम नहीं ले रहा है। वे सिर्फ नरेंद्र मोदी का नाम ले रहे हैं।'
अमेठी की परंपरागत सीट का कांग्रेस पार्टी और गांधी परिवार से वर्षों पुराना नाता रहा है। यही कारण है कि इस सीट पर जीत को कांग्रेस और गांधी परिवार की प्रतिष्ठा से जोड़कर भी देखा जा रहा है।
एक बार खो चुकी अमेठी सीट को फिर से जीतना कांग्रेस के लिए आसान नहीं है। इस वजह से सीनियर पर्यवेक्षक नियुक्त हुए अशोक गहलोत के लिए अमेठी को जीतने का टास्क चुनौतीपूर्ण है।
अमेठी सीट पर कांग्रेस उम्मीदवार केसी शर्मा का मुकाबला मौजूदा सांसद व मोदी सरकार में मंत्री स्मृति ईरानी से है। स्मृति ईरानी ने यहां से पिछला चुनाव राहुल गांधी को हराकर जीता था। ऐसे में हर बार की तरह इस बार भी यहां की टक्कर दिलचस्प रहने वाली है।
Published on:
10 May 2024 03:16 pm
बड़ी खबरें
View Allजयपुर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
