22 मई 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

बीएचयू में बवाल: राजस्थान विश्वविद्यालय में एनएसयूआई ने किया विरोध प्रदर्शन

बीएचयू में छेड़खानी की बढ़ती घटनाओं के विरोध में सोमवार को राजस्थान यूनिवर्सिटी में भी एनएसयूआई की ओर से विरोध प्रदर्शन किया गया।

2 min read
Google source verification
NSUI protests

NSUI protests

जयपुर। बनारस हिंदू विश्वविद्यालय में छात्रा के साथ छेड़छाड़ के बाद छात्राओं की ओर से निकाले गए शांति मार्च पर पुलिस द्वारा लाठीचार्ज के विरोध में सोमवार को राजस्थान यूनिवर्सिटी में भी एनएसयूआई की ओर से विरोध प्रदर्शन किया गया।

विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार पर हुए इस विरोध प्रदर्शन ने उस समय उग्र रूप धारण कर लिया जब छात्र-छात्राएं प्रदर्शन के दौरान जेएलएन मार्ग पर आने का प्रयास करने लगे। पुलिस ने विरोध कर रहे विद्यार्थियों को गेट पर ही रोकने का प्रयास किया, लेकिन विद्यार्थियों ने जबरन सड़क पर आने पर प्रयास किया।

इस दौरान पुलिस ने नौ छात्रों को शांतिभंग के आरोप में गिरफ्तार कर लिया। जिन्हें शाम को मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया। जहां से सभी को जमानत पर रिहा कर दिया गया।

प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना था कि उत्तर प्रदेश सरकार के दबाव में पुलिस प्रशासन छात्राओं के आंदोलन को दबाने की कोशिश कर रहा है।
खुलेआम बेटियों के साथ छेड़छाड की घटनाएं हो रही है और शिकायत करने पर बेटियों पर ही लाठियां बरसाई जा रही है तो वहीं पुलिस ने हिरासत में लेने पर कहा कि प्रदर्शन को लेकर किसी प्रकार की कोई अनुमति नहीं ली गई थी। साथ ही कैम्पस में ही प्रदर्शन करने का हिदायद दी गई थी। लेकिन छात्र सड़क पर आकर प्रदर्शन करने लगे तो उन्हें गिरफ्तार किया गया।

यह है पूरा मामला
गौरतलब है कि गुरुवार की शाम 7 बजे के करीब जब एक छात्रा अपने हॉस्टल की ओर जा रही थी तब कुछ लड़कों ने उस के साथ छेड़खानी की। छात्रा ने मदद के लिए गुहार लगाई लेकिन कोई मदद करने के लिए नहीं आया। छात्रा का कहना था कि थोड़ी ही दूर में मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने छात्रा को इस छेड़खानी से बचाने के लिए कुछ नहीं किया।

इस घटना के थोड़ी देर बाद कुछ छात्राएं गर्ल्स हॉस्टल में धरना पर बैठ गईं। अगले दिन इन छात्राओं ने लंका गेट के सामने प्रदर्शन शुरू कर दिया। पिछले तीन दिनों से छात्रों का विरोध प्रदर्शन जारी था। शनिवार रात को जब वे कुलपति से मिलने के लिए निकलीं तब उनके ऊपर लाठी चार्ज हुआ।