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जयपुर: लेबर कमिश्नर के घर पूरी रात चली सर्च… मिला इतना सारा माल… अफसर भी हो गए हैरान

इन फोन से आपस में कई सारी काॅल्स की गई है। ट्रेकिंग से बचने के लिए वाट्सएप वाॅयस काॅल भी की गई है।

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जयपुर
श्रम आयुक्त प्रतीक झांझडिया, दलाल अमित शर्मा और रवि मीणा की शुक्रवार रात एसीबी की निगरानी में बीती। बताया जा रहा है कि तीनों को एसीबी मुख्यालय में रखा गया था और आज सवेरे उनसे पूछताछ की गई। दोपहर तक उनको कोर्ट में पेश कर उनका रिमांड लिया जाएगा और उसके बाद अन्य मामलों के बारे में भी पूछताछ की जाएगी। एसीबी अफसरों ने देर रात करीब एक बजे तक कार्रवाई की और उसके बाद तीनों को गिरफ्तार कर अपने साथ ले गई।

लाखों रुपयों लेनदेन के सबूत मिले, कैश भी बरामद
एसीबी अफसरों ने बताया कि गांधी नगर स्थित सरकारी आवास में देर रात तक सर्च जारी रही। बहुत से दस्तावेज और मिले हैं जिनमें लेनदेन का हिसाब है। कुछ कैश भी मिला हैं । श्रम आयुक्त प्रतीक, दलाल अमित और रवि , तीनों के मोबाइल फोन भी जब्त कर लिए गए हैं। इन फोन से आपस में कई सारी काॅल्स की गई है। ट्रेकिंग से बचने के लिए वाट्सएप वाॅयस काॅल भी की गई है। आज तड़के तक जारी सर्च के बाद एसीबी को पांच से छह लाख रुपए कैश, कुछ साइन किए गए खाली चैक, और बहुत सारे दस्तावेज मिले हैं।

दलालों की संख्या ज्यादा, 2019 से जयपुर में ही हैं प्रतीक
एसीबी अफसरों का मानना है कि प्रतिनियुक्ति पर लगे प्रतीक झांझड़िया के संपर्क दो दलाल रवि और अमित के अलावा तीन से चार अन्य दलालों से हो सकते हैं। जो जयपुर समेत अन्य जिलों से उनके लिए उगाही करते थे। साल 2019 के अंत से प्रतीक जयपुर में रह रहे हैं। उस समय से लेकर अब तक की सभी फाइलें जांचने की भी तैयारी एसीबी ने शुरु कर दी है। दलालों के अलावा कुछ इंस्पेक्टर्स भी शक के दायरे में हैं जो सीधे ही बंधी लाकर साहब को दिया करते थे। पूरे मामले में अभी तक तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है लेकिन इसकी संख्या बढ़कर छह तक जा सकती है। एसीबी के इस ट्रेप के बाद श्रम विभाग से जुड़े अधिकतर अफसरों के फोन या तो आउट आफ नेटवर्क मिले या फिर बंद मिले।