
Ghamaram Bishnoi
RPSC Paper Leak Case: द्वितीय श्रेणी शिक्षक भर्ती परीक्षा में पेपर आउट मामले में जालौर कलक्टर ने पटवारी घमाराम बिश्नोई को राजकीय सेवा से बर्खास्त कर दिया है। दिसम्बर में उदयपुर पुलिस ने बस में पेपर हल करवाने के मामले में 50 से ज्यादा अभ्यर्थियों के साथ सुरेश बिश्नोई को पकड़ा था। इस प्रकरण में भूपेंद्र सारण को स्पेशल टीम ने बेंगलुरु से गिरफ्तार किया, तो पटवारी घमाराम का नाम सामने आया। 25 फरवरी को उसे उदयपुर पुलिस ने गिरफ्तार किया। कुछ दिन बाद पटवारी को कलक्टर ने निलंबित कर दिया था, अब उसे बर्खास्त कर दिया गया है।
यह भी पढ़ें: राजनीतिक खींचतान के बीच बहुचर्चित कैश-गोल्ड मामले में कोर्ट ने दिया नया आदेश
गौरतलब है कि राजस्थान में वरिष्ठ अध्यापक भर्ती परीक्षा 2022 के ग्रुप सी के सामान्य ज्ञान परीक्षा का पेपर लीक हो गया था। इसके बाद परीक्षा में बैठने वाले तीन लाख 74 हजार अभ्यार्थियों को झटका लगा और परीक्षा निरस्त कर दी गई है। यह परीक्षा प्रदेश में 28 जिलों के 1193 परीक्षा केंद्रों पर होनी थी। लेकिन परीक्षा प्रारंभ होने से कुछ देर पहले ही आयोग के अध्यक्ष संजय क्षोत्रिय ने परीक्षा निरस्त करने के आदेश दिए थे। पुलिस ने पर्चा लीक मामले के मुख्य अभियुक्त सुरेश विश्नोई सहित 44 लोगों को गिरफ्तार किया। भूपेंद्र सारण से हुई पूछताछ में पता चला कि लीक किया गया पेपर सरकारी स्कूल के वाइस प्रिंसिपल शेर सिंह मीणा से एक में खरीदा गया
मुख्य आरोपी से जुड़ी कड़ियां
उदयपुर में गिरफ्तार किया गया सुरेश विश्नोई जोधपुर का निवासी है। वह जालौर के सरकारी स्कूल में शिक्षक है। उसके साथ पांच लोग इस मामले में शामिल थे। बेकरिया पुलिस थाने के बाहर एक बस को रोका तो उसमें सुरेश सहित 44 लोग सवार थे। सुरेश बस में बैठे अभ्यर्थियों को पर्चा हल करवा रहा था। सभी को हिरासत में लिया गया। इनके पास मूल पर्चे की प्रति थी। इसके अलावा एसओजी की टीम ने आरोपी अनिल मीणा उर्फ शेर सिंह मीणा को ओडिशा से गिरफ्तार किया। लिस आरोपी शेर सिंह को लेकर उदयपुर गई वहां इसके बाद कई बड़े नामों का खुलासा हुआ।
Published on:
26 May 2023 04:33 pm

बड़ी खबरें
View Allजयपुर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
