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आपदा में तलाशा ठगी का बड़ा अवसर, #Oxygen concentrator बेचने के नाम पर इतने करोड़ ठगी… 1000 का #Order दिया था

राजस्थान में #Oxygen concentrator के नाम पर सबसे बड़ा फ्राॅड है। बड़ी बात यह है कि जो कंपनी कंस्टे्रेटर मंगा रही थी वह बीमार और जरुरतमंद लोगों की मदद करने के लिए कम दामों में उपलब्ध कराने की तैयारी कर रही थी।

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Oxygen Concentrator

Oxygen Concentrator

जयपुर
आपदा में अवसर तलाश करने का मंत्र देश को देश के प्रधानमंत्री ने कोरोना काल मंे दिया था। बहुत से लोगों ने आपदा में अवसर तलाशे भी लेकिन इस बीच ठग भी सक्रिय हो गए और आपदा में ठगी के अवसर तलाश करने लग गए। इसी तरह का एक बड़ा मामला जयपुर से सामने आया है। आॅक्सीजन कंस्ट्रेटर के नाम पर तीन करोड़ रुपए से भी ज्यादा की ठगी की गई है। यह राजस्थान में आॅक्सीजन कंस्ट्रेटर के नाम पर सबसे बड़ा फ्राॅड है। बड़ी बात यह है कि जो कंपनी कंस्टे्रेटर मंगा रही थी वह बीमार और जरुरतमंद लोगों की मदद करने के लिए कम दामों में उपलब्ध कराने की तैयारी कर रही थी। लेकिन कंपनी के पास माल ही नहीं पहुंचा और ठगी की बड़ी वारदात हो गई। चित्रकूट थाना पुलिस ने केस दर्ज कर अब जांच शुरु की है।

सात करोड़ की डील थी, एक हजार कंस्ट्रेटर मंगाए थे, हरियाणा की फर्म ने
दरअसल हरियाणा स्थित एक फर्म के प्रतिनिधी मोहित तिवारी ने मई महीने की शुरुआत में कंस्टे्रेटर खरीद करने के लिए विज्ञापन और अन्य माध्यमों से खरीद करने की प्रक्रिया शुरु की थी। इस दौरान कंपनी के पास जयपुर की चित्रकूट क्षेत्र में स्थित एक फर्म से मैसेज गया और कंस्ट्रेटर उपलब्ध कराने की बात कही गई। दस और बीस लीटर के कंस्टे्रटर देने की डील हुई। एक हजार कंस्टे्रेटर के नाम पर करीब सात करोड़ रुपए देने पर बात की गई।

दोनो कंपनियों में डील फाइनल होने पर तिवारी ने चालीस फीसदी एडवांस और बाकि चार जून को माल की पूरी डिलिवरी होने पर भुगतान करने की बात कही। लेकिन इस बीच चार जून तक माल तो पहुंचा नहीं उल्टे जयपुर की फर्म ने कस्टम क्लीयरेंस और अन्य खर्च के नाम पर कुछ रुपए और ले लिए। करीब तीन करोड़ रुपए से ज्यादा लेने के बाद भी चार जून तक कंपनी ने कंस्टे्रटर सप्लाई नहीं किए। इस पर तिवारी जयपुर पहुंचे और फर्म के प्रतिनिधियों से बात करने की कोशिश की। लेकिन पता चला कि न तो कार्यालय और न ही घर पर ही कोई है। सभी जगहों पर ताले लगे हुए हैं। बाद में कंपनी के प्रतिनिधियों ने इस मामले में केस दर्ज कराया है।

पुलिस ने अंकित, निधी, सुनित समेत कंपनी के अन्य पदाधिकरियों के खिलाफ केस दर्ज किया है। ठगी समेत अन्य धाराओं में दर्ज इस केस के बाद सभी की तलाश की जा रही है। पुलिस ने बताया कि जो भी मोबाइल नंबर इन लोगों के पास है, वे सभी अब बंद आ रहे हैं।