
Rajasthan Health Scheme: जयपुर। राज्य सरकार ने राजस्थान गवर्नमेंट हैल्थ स्कीम (आरजीएचएस) में फर्जीवाड़ा कर राजकीय राशि का दुरूपयोग करने वाले तीन चिकित्सकों को राजकीय सेवा से निलंबित कर दिया है। इनमें एसएमएस अस्पताल जयपुर में कार्यरत वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ.मनोज कुमार जैन, जिला चिकित्सालय श्रीगंगानगर के वरिष्ठ विशेषज्ञ (मेडिसिन) डॉ.केसर सिंह कामरा और सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बीबीरानी खैरथल तिजारा में नियुक्त चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनीषा शामिल हैं। कार्मिक विभाग ने तीनों के निलंबन आदेश जारी किए हैं।
इन सभी पर योजना के अंतर्गत राजकीय राशि के दुरुपयोग का आरोप है। निलंबन काल में डॉ. मनोज जैन और डॉ. मनीषा का मुख्यालय निदेशक जनस्वास्थ्य और डॉ. केसर सिंह का प्रमुख शासन सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य रहेगा। गौरतलब है कि वित्त विभाग की ओर से इस योजना में फर्जीवाड़ों की जांच के लिए विशेष आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस सेल काम कर रही है। राजस्थान पत्रिका ने सबसे पहले 30 मार्च को इसके फर्जीवाड़ों का खुलासा करना शुरू किया था।
वित्त विभाग की जांच में सामने आया है कि सरकारी डॉक्टर ने अपने निजी क्लिनिक से आउटडोर की 500 पर्चियां तैयार की। उन पर लिखी दवाइयों का दो मेडिकल स्टोर से करोड़ों रुपये का फर्जी बिल बनाया और भुगतान के लिए भेज दिया। जांच में सामने आया कि बिना किसी मेडिकल हिस्ट्री, रोग के लक्षण और बिना जांच लिखे ही आउटडोर पर्ची पर दवा लिखी गई थी। पर्चियों पर एडिटिंग भी की गई। इसी तरह सिर्फ मात्रा के अंतर वाले एक जैसे नाम में भी कांट छांट की गई।
Updated on:
30 Apr 2025 07:00 am
Published on:
30 Apr 2025 07:00 am
