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राजस्थान में अब क्रिकेट में भी ‘खेला’, RCA की अंपायर परीक्षा में सामने आया बड़ा फर्जीवाड़ा; ऐसे हुआ खुलासा

भर्ती परीक्षाओं में आए दिन उम्र संबंधी फर्जी दस्तावेज पेश करने के मामले आते रहते हैं मगर अब यह करतूत खेलों में भी तेजी से उभर रही है।

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ललित पी. शर्मा
जयपुर। भर्ती परीक्षाओं में आए दिन उम्र संबंधी फर्जी दस्तावेज पेश करने के मामले आते रहते हैं मगर अब यह करतूत खेलों में भी तेजी से उभर रही है। बीसीसीआई की मैच रेफरी परीक्षा और अंपायर परीक्षा के लिए आरसीए एडहॉक कमेटी ने अपनी ओर से एक परीक्षा 13 फरवरी को आयोजित की थी, उस परीक्षा के लिए उम्मीदवारों ने ऑनलाइन फार्म भरे थे।

परीक्षा से पूर्व हुई जांच में एक व्यक्ति की उम्र में फर्जीवाड़ा का मामला सामने आया है। नियमानुसार अगर कोई खिलाड़ी टीम चयन में फर्जी दस्तावेज पेश करने को लेकर पकड़ा जाता है तो उसे 3 से 6 साल के बैन कर दिया जाता है। आरसीए के इतिहास में पहली बार मैच रेफरी और अम्पायर परीक्षा के प्री टेस्ट लिए गए हैं। इससे पूर्व सीधे ही नाम बीसीसीआई जाते थे।

यूं पकड़ में आया फर्जीवाड़ा

बीसीसीआई ने आरसीए को पत्र लिखकर जून में एक अंपायर परीक्षा और सेमीनार आयोजित करने की बात कही। इसके लिए आरसीए से 4 अंपायरों की सूची पेश करने को कहा। इसमें उम्र 45 वर्ष होने की बात कही गई है। अब इस मामले में एक अभ्यर्थी पाली के भवानी सिंह राठौड़ ने उम्र संबंधी जो दस्तावेज (आधार कार्ड) पेश किए उसमें उनकी उम्र एक जून 1981 बताई गई है।

इसके आधार पर भवानी सिंह की उम्र 44 वर्ष है जबकि उनकी सर्विस संबंधी दस्तावेज में उम्र 5 जनवरी 1970 है। इस हिसाब से भवानी सिंह 55 वर्ष के हैं। दोनों दस्तावेजों में उम्र में 11 वर्ष का अंतर है। अब उम्र के इस फर्जीवाड़े के सामने आने के बाद आरसीए एडहॉक ने हैरानी जताते हुए कड़ी कार्रवाई की बात कही है।

बीसीसीआई की परीक्षा के मात्र 8 उम्मीदवार पात्र

आरसीए मैच रेफरी एग्जाम के पात्र कुल 13 योग्य उम्मीदवारों में से 8 उम्मीदवारों ने एग्जाम में भाग लिया। जिसमें से 3 पूर्व खिलाड़ियों ने बीसीसीआई मैच रेफरी एग्जाम के लिए क्वालीफाई किया। वहीं आरसीए अंपायर एग्जाम के लिए 23 योग्य आरसीए पैनल के अंपायर में से कुल 11 उम्मीदवारों ने आरसीए अंपायर एग्जाम में भाग लिया, 4 अंपायर ने बीसीसीआई अंपायर एग्जाम के योग्य।

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इनका कहना हैं

हम साफ-सुथरा काम कर रहे हैं। इसलिए हमने बीसीसीआई की अम्पायर परीक्षा के लिए उम्मीदवारों के चयन के लिए प्री टेस्ट रखा था इसके फार्म ऑनलाइन भरे गए थे। जांच के दौरान एक व्यक्ति की उम्र में फर्जीवाड़ा पकड़ में आया है। मैं और मेरे सदस्य इसके सख्त खिलाफ हैं। 23 फरवरी को आरसीए की मीटिंग इस पर निर्णय किया जाएगा। इस तरह का फर्जीवाड़ा करने वाले को नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
-जयदीप बिहाणी, कंवीनर, आरसीए एडहॉक कमेटी

जब एक खिलाड़ी के खिलाफ फर्जी दस्तावेज पेश करने पर सख्त कदम उठाए जाते हैं और उसे क्रिकेट की सभी गतिविधियों से 3 से 6 साल के लिए अलग कर दिया जाता है तो फिर अंपायर भी उसी कड़ी का हिस्सा हैं। पाली के भवानी सिंह की उम्र में फर्जीवाड़ा पकड़ा गया। उनके आधार कार्ड और सर्विक बुक में अलग-अलग उम्र दर्ज है। हम कंवीनर से इस मामले पर सख्त कार्रवाई करते हुए फर्जीवाड़ा करने वाले को बैन करने की मांग करेंगे।
-धर्मवीर सिंह, सदस्य, आरसीए एडहॉक कमेटी और पाली के सचिव


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