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राजस्थान से बड़ी खबर, बड़ी संख्या में इस विभाग कर्मचारियों ने खोला मोर्चा, उतरे सड़क पर, विरोध-प्रदर्शन जारी

जेसीटीएसएल कर्मचारियों की ओर से कई मांगों को लेकर आज मुख्यालय पर प्रदर्शन किया जा रहा है।

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जयपुर। जेसीटीएसएल कर्मचारियों की ओर से कई मांगों को लेकर आज मुख्यालय पर प्रदर्शन किया जा रहा है। आज जेसीटीएसएल मजदूर कांग्रेस (इंटक) के बैनर तले बड़ी संख्या में कर्मचारी जुटे। इस दौरान बगराना डिपो में अधिक भुगतान में दोषी कर्मियों पर कार्रवाई अधिशेष चालकों को अन्य विभाग में समायोजित करने, लंबे समय से पद के अनुरूप कार्य करवाने व बकाया भुगतान, बसों का मेंटेनेंस नहीं होने व सीएनजी बसों का उच्च दर पर निकाले टेंडर निरस्त करने समेत कई मांगें की जा रही है।

घाटे के सौदे के खिलाफ असंतोष

प्रशासन की ओर से सीएनजी बसों का माइलेज ज्यादा होने और डीजल बसों की तुलना में सस्ती होने के बावजूद प्रति किलोमीटर 61.20 रुपए लेने की तैयारी की जा रही है। जबकि वर्तमान में चल रही डीजल एसी बसों को 44 रुपए प्रति किलोमीटर के हिसाब से भुगतान किया जा रहा है। जेसीटीएसएल की ओर से किए जा रहे घाटे के सौदे के खिलाफ कर्मचारियों में असंतोष है, जिसके चलते कर्मचारी आज जेसीटीएसएल मुख्यालय पर विरोध प्रदर्शन किया। इसके साथ ही कर्मचारियों ने बगराना डिपो में हुए भ्रष्टाचार में लिप्त कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की भी मांग उठाई है। दोषी कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग

कर्मचारी संगठन के अध्यक्ष रामकुमार विश्नोई ने बताया कि कांग्रेस इंटक कर्मचारियों की विभिन्न मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। उनका कहना है कि बगराना डिपो में बीते दिनों हुआ घोटाला उजागर होने के बाद कंपनी से तो साढ़े तीन करोड़ की रिकवरी की जा रही है। लेकिन दोषी कर्मचारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने दोषी कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

इसके साथ ही जेसीटीएसएल ने सीएनजी की नई बसों का टेंडर किया है। जिसके तहत 61 रुपए प्रति किमी का टेंडर हो रहा है जो काफी महंगा है। जबकि वर्तमान में बगराना डिपो से संचालित हो रही एसी बसों के लिए ही 44 रुपए प्रति किलोमीटर भुगतान किया जा रहा है। जबकि सीएनजी बसों का माइलेज ज्यादा होता है और मेंटेनेंस कम होता है और लगभग 60 रुपए प्रति किलोमीटर की दर से ही इलेक्ट्रिक बसों का संचालन होगा। ऐसे में उन्होंने प्रबंधन पर महंगा टेंडर कर सरकार के पैसों का दुरुपयोग करने का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन कर विरोध जताया।

ये हैं प्रमुख मांगे :

बगराना डिपो में हुए भ्रष्टाचार में दोषियों पर कार्रवाई हो

चालकों के समायोजन के लिए राज्य सरकार को लिखा जाए।

उच्च दरों पर किए गए टेंडर को निरस्त किया जाए।

बकाया एरियर का भुगतान किया जाए।
रात्रि विश्राम भत्ता राजधानी के अनुसार एक समान देय हो।

लंबे समय से ऑफिस कार्य में लगे परिचालकों से मार्ग पर कार्य लिया जाए।
बगराना आगार में महिला कर्मचारियों को प्रताड़ित करने वालों पर कार्रवाई हो।

ग्रेच्युटी भुगतान अधिनियम लागू किया जाए।


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