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Ban Ganga River : बाणगंगा नदी में पानी बढ़ाने की बड़ी योजना, सरकार ने किया बड़ा ऐलान

Parvati-Kalisindh-Chambal Link Project : बजट घोषणा वर्ष 2025-26 में ‘’राणा प्रताप सागर बांध-ब्राह्मणी नदी से बीसलपुर बांध में जल अपवर्तन लिंक के कार्य किए जाएंगे।
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जयपुर

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Rajesh Dixit

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Updated: 28 Feb 2025, 4:41 PM IST

Bisalpur

जयपुर। जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत ने शुक्रवार को विधानसभा में कहा कि बाण गंगा नदी में विभिन्न नदियों द्वारा पानी की आवक होती है। उन्होंने सदन को आश्वस्त किया कि बाणगंगा नदी में पानी डालने के लिए डीपीआर तैयार कर अग्रिम कार्यवाही की जाएगी ।
जल संसाधन मंत्री प्रश्नकाल के दौरान सदस्य द्वारा इस सम्बन्ध में पूछे गए पूरक प्रश्नों का जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि बाण गंगा नदी में जल उपलब्धता में वृद्धि के लिए संशोधित पार्वती-कालीसिंध-चम्बल लिंक परियोजना के साथ-साथ बाणगंगा एवं रूपारेल बेसिन में जल आपूर्ति के क्रम में बजट घोषणा वर्ष 2025-26 में ‘’राणा प्रताप सागर बांध-ब्राह्मणी नदी से बीसलपुर बांध में जल अपवर्तन लिंक के कार्य किए जाएंगे। इनको आगे बढ़ाते हुए बीसलपुर बांध से बाण गंगा एवं रूपारेल नदी को चरणबद्ध रूप से जोड़े जाने सम्बन्धी कार्य की डीपीआर से ‘जयपुर, दौसा, सवाई माधोपुर, करौली, भरतपुर, डीग, अलवर’ के कार्य कराए जाएंगे।

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इससे पहले विधायक राजेन्द्र के मूल प्रश्न के लिखित जवाब में जल संसाधन मंत्री ने बताया कि संशोधित पार्वती-कालीसिंध-चम्बल लिंक योजनान्तर्गत बाणगंगा नदी बेसिन में स्थित रामगढ़ बांध में पेयजल के लिए जल भरा जाना प्रस्तावित है। राज्य के परियोजना क्षेत्र में स्थित वृहद एवं मध्यम सिंचाई परियोजनाएं जिनमें काफी समय से पर्याप्त जल आवक नहीं हो रही है, ऐसी वृहद एवं मध्यम सिंचाई परियोजनाओं व बांधों में तकनीकी एवं वित्तीय उपादेयता के आधार पर जल भरा जाने का प्रावधान शामिल किया गया है। इसके अतिरिक्त योजना में मुख्य नहर तंत्र निर्मित होने पर राज्य के अन्य बांधों एवं तालाबों में जल भरने के लिए प्रावधान रखा गया हैं। डीपीआर की सक्षम स्वीकृति उपरान्त चरणबद्ध रूप से परियोजना का क्रियान्वयन प्रस्तावित है।

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उन्होंने बताया कि पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना को पार्वती-कालीसिंध-चम्बललिंक परियोजना के साथ एकीकृत किए जाकर संशोधित पार्वती-कालीसिंध-चम्बल लिंक परियोजना के रूप में नदी अतंर्योजन के लिये गठित विशेष समिति द्वारा 13 दिसम्बर 2022 को 20वीं बैठक के दौरान राष्ट्रीय परिपेक्ष्य योजना में शामिल किया गया।

परियोजना के क्रियान्वयन के लिए प्रधानमंत्री की उपस्थिति में भारत सरकार, राजस्थान एवं मध्यप्रदेश के बीच 17 दिसम्बर 2024 को एमओए का हस्तांतरण किया गया। रावत ने बताया कि संशोधित पीकेसी लिंक परियोजना की डीपीआर जल शक्ति मंत्रालय भारत सरकार के अधीन राष्ट्रीय जल विकास अभिकरण द्वारा तैयार की जा रही है जो कि अंतिम चरण में है। डीपीआर तैयार होने पर केन्द्रीय जल आयोग से स्वीकृति प्राप्त की जाएगी।

राणा प्रताप सागर बांध-ब्राह्मणी नदी से बीसलपुर बांध, बाणगंगा एवं रूपारेल नदीं में जल अपवर्तन के लिए डीपीआर तैयार होने पर गुणावगुण के आधार पर प्रस्ताव तैयार कर स्वीकृति के लिए भारत सरकार को प्रस्तुत किए जाएंगे।

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