27 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

दीपावली के बाद अब शुरू होगा तीन सीटों पर उपचुनाव का रण,चुनावी रणनीति बनाने में जुटी बीजेपी और कांग्रेस

अब शुरू होगा तीन सीटों पर उपचुनाव का रण, भाजपा और कांग्रेस में उम्मीदवारों के निर्णय पर मंथन शुरू, दोनों ही पार्टियां जिताउ उम्मीदवार की तलाश में।

2 min read
Google source verification

जयपुर

image

Rajesh

Oct 21, 2017

 BJP and Congress Start Churning Candidates for By-Election on three Seats

दीपावली के त्यौहार के बाद अब प्रदेश में अजमेर—अलवर लोकसभा सीट और मांडलगढ विधान सभाा सीट पर उपचुनाव का रण अब शुरू होगा। भले ही चुनाव आयोग ने उपचुनाव की तारीखों का ऐलान नहीं किया है लेकिन प्रदेश भाजपा और प्रदेश कांग्रेस दोनों के भीतर जिताउ उम्मीदवारों की तलाश जोर शोर से शुरू कर दी है। वहीं अब मुख्यमंत्री आने वाले दिनों में तीनों सीटों पर फिर से अपने चुनावी दौरे शुरू करेंगी वहीं कांग्रेस के नेता भी चुनावी दौरे के कार्यक्रम बना रहे है।

जिताउ उम्मीदवारों पर मंथन -

मुख्यमंत्री बीते पन्द्रह दिनों से अजमेर—अलवर और मांडलगढ विधानसभा सीट पर उपचुनाव के लिहाज से कई बार दौरे कर चुकी है। मुख्यमंत्री तीनों सीटों पर स्थानीय नेताओं, समाज प्रमुखों, आम लोगों से मिल चुकी हैं और उपचुनाव के लिहाज से जिताउ उम्मीदवार के लिए फीडबैक भी ले चुकी है। मुख्यमंत्री की ओर से फीडबैक दिल्ली भेजा जाएगा और फिर उम्मीदवारों के नाम पर मोहर लगेगी। वहीं कांग्रेस में भी जिताउ उम्मीदवारों को लेकर मंथन चल रहा है। तीनों सीटों पर कैसे कांग्रेस कब्जा करे इसके लिए पार्टी के शीर्ष नेताओं से प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट मंथन कर चुके हैं और अब उम्मीदवारों के नाम फाइनल करने के लिए मंथन चल रहा है।

भाजपा ले रही है अंदरूनी विरोध की थाह -

अजमेर—अलवर और मांडलगढ सीटों पर उपचुनाव के लिए उम्मीदवारों के जो नाम सामने आए उन पर विरोध के सुर भी उठे थे। लिहाजा प्रदेश अध्यक्ष अशोक परनामी और मुख्यमंत्री तीनों सीटों पर अंदरूनी विरोध की थाह ले रही है। जिससे एनवक्त पर पार्टी के उम्मीदवार के खिलाफ कोई भितरघात की स्थिति नहीं बने।

निर्वाचन विभाग भी उपचुनाव के लिए तैयार -

प्रदेश में तीन सीटों पर उपचुनाव के लिए प्रदेश का निर्वाचन विभाग भी तैयार है। निर्वाचन विभाग उपचुनाव वाले जिलों में लागातार कानून व्यवस्था की समीक्षा कर रहा है और गडबडी वाले मतदान केन्द्रों को चिन्हित कर रहा है। इसके साथ ही निर्वाचन विभाग ने चुनाव आयोग को उपचुनाव के लिए छह हजार ईवीएम मशीनें उपलब्ध कराने के लिए लिखा है।