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राजस्थान में यहां होगा चतुष्कोणीय मुकाबला, भाजपा ने ब्राह्मण की बजाय वैश्य चेहरे पर खेला दावं, चलेगा वोट कटने-काटने का गणित

भाजपा के ज्ञानदेव आहूजा (Gyan Dev Ahuja) ने बगावत कर यहां से निर्दलीय चुनाव लडऩे का ऐलान कर दिया है...

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जयपुर

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Dinesh Saini

Nov 19, 2018

rajasthan election 2018

जयपुर। राज्य में हॉट सीट बने सांगानेर विधानसभा (Sanganer Vidhan Sabha) क्षेत्र में सियासी समीकरण रोचक हो गए हैं। यहां चतुष्कोणीय मुकाबले की स्थिति बन गई है। अब तक ब्राह्मण प्रत्याशी उतारती आई भाजपा ने इस बार यहां वैश्य चेहरे महापौर अशोक लाहोटी (Ashok Lahoti) पर दावं खेला है। वहीं, भाजपा के ज्ञानदेव आहूजा (Gyan Dev Ahuja) ने बगावत कर यहां से निर्दलीय चुनाव (Rajasthan Election 2018) लडऩे का ऐलान कर दिया है। भाजपा से अलग होकर नई पार्टी बना चुके घनश्याम तिवाड़ी (Ghanshyam Tiwari) और कांग्रेस से पुष्पेन्द्र भारद्वाज (Pushpendra Bhardwaj) मैदान में हैं। ज्ञानदेव सिंधी समाज हैं और 3 लाख एक हजार मतदाताओं वाले इस क्षेत्र में 29 हजार से ज्यादा सिंधी-पंजाबी रहते हैं। आहूजा की इन वोटरों पर नजर है। आहूजा का हिन्दुत्व पर फोकस रहा है, ऐसे में लाहोटी और तिवाड़ी के समक्ष उनकी रणनीति भेदने की चुनौती खड़ी होगी। वहीं, 72 हजार ब्राह्मण वोटरों पर तिवाड़ी और भारद्वाज का फोकस रहेगा। वैश्य समाज के 38 हजार, एससी-एसटी के 48 हजार और मुस्लिम 18 हजार मतदाता हैं। हालांकि आहूजा कह चुके हैं कि वह तिवाड़ी का सम्मान करते हैं, ऐसे में उन्हीं सामने मतदाताओं को रिझाने में आहूजा को दम दिखाना होगा। टिकट की दौड़ में यहां से भाजपा सांसद रामचरण बोहरा, शहर अध्यक्ष संजय जैन भी थे।

सीएम निवास तक चला घटनाक्रम
सांगानेर विधानसभा सीट रविवार को दिनभर हॉट बनी रही। महापौर अशोक लाहोटी को सुबह ही प्रत्याशी बनाए जाने के संकेत मिल गए थे। इसके बाद पार्षद विष्णु लाटा व अन्य लोग सक्रिय हो गए। सांगानेर विधानसभा को ब्राहृमण सीट होने का हवाला देते हुए लाटा के बड़ी संख्या में समर्थक मुख्यमंत्री निवास पहुंच गए और लाटा के समर्थन में नारेबाजी की। इसके बाद लाहोटी भी सीएमआर पहुंचे। कुछ देर बार महापौर के आवास पर ढोल—नगाड़ों के बीच कार्यकर्ता पटाखे छुड़ाते रहे। लाहोटी को माला पहनाने की होड़ लगी रही। इस बीच प्रत्याशी बनाए जाने का एसएमएस का दौर भी शुरू हो गया। लेकिन तब तक भी अधिकारिक तौर पर घोषणा नहीं हुई थी। इसके बाद लाटा और कार्यकर्ता और सक्रिय हो गए। संत—महंतों व समाज के गणमान्य लोगों के साथ शाम को फिर मुख्यमंत्री निवास पहुंचे। यहां सीएम से मुलाकात हुई। हालांकि, सीएम ने फिर से विचार करने का आश्वाासन दिया। लेकिन, इनके निकलने के 30 मिनट बाद ही लाहोटी को सिंबल दे दिया गया।