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पूर्व विधानसभा अध्यक्ष कैलाश मेघवाल को नोटिस, 10 दिन में मांगा जवाब, वरना होगी कार्यवाही

नोटिस में यह भी कहा गया है कि यदि दस दिन में जवाब नहीं दिया गया तो भाजपा के संविधान के अनुसार कार्रवाई की जाएगी

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जयपुर। केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेेघवाल को लेकर दिए गए पूर्व विधानसभा अध्यक्ष और भाजपा विधायक कैलाश मेघवाल के बयान को पार्टी ने गंभीरता से लिया है। आलाकमान की ओर से नाराजगी जताने के बाद प्रदेश भाजपा ने इस बयान को अनुशासनहीनता मानते हुए कैलाश मेघवाल को नोटिस जारी कर दस दिन में जवाब मांगा है।

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नोटिस में यह भी कहा गया है कि यदि दस दिन में जवाब नहीं दिया गया तो भाजपा के संविधान के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। भाजपा ने मेघवाल को नोटिस उनके सरकारी आवास पर व्यक्तिगत भी भेजा है और डाक से भी भेजा है। उधर, इस मामले में कैलाश मेघवाल ने कहा कि उनको अभी किसी तरह का कोई नोटिस नहीं मिला है।

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अर्जुन राम मेघवाल पर लगाए आरोप सही, इसकी जांच हो : गोविंद मेघवाल
उधर कांग्रेस के वॉर रूम के बाहर आपदा राहत मंत्री गोविंद मेघवाल ने कैलाश मेघवाल के आरोपों को सही बताते हुए कहा कि अर्जुन राम मेघवाल जब चूरू के कलक्टर थे तो उन पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे थे, लेेकिन भाजपा में तो भ्रष्ट नेता साहूकार बन जाता है क्योंकि उन्हें तो यसमैन चाहिए। गोविंद मेघवाल ने कहा कि भाजपा में नेताओं और कार्यकर्ताओं की पूछ नहीं होती है तभी तो गैर राजनीतिक लोग रिटायर हो जाने के बाद इतने बड़े पद पर पहुंच जाते है।

पहले नौकरी के दौरान 60 साल तक अर्जुनराम मेघवाल किसी भी मुद्दे पर नहीं बोले और अब सीढ़ी लगाकर यहां तक आ गए। कोरोना के समय तो अर्जुनराम भाभी जी के पापड़ बेच रहे थे। कलेक्टर रहा व्यक्ति पापड़ से कोरोना भागने की बात कर सकता है। अर्जुन मेघवाल तो खाली तंदूरा और ढोल बजाकर लोगों को भ्रमित करने का काम करते हैं। यदि डॉक्टर भीमराव अंबेडकर भी इसी तरह से तंदूरा बजाते, तो क्या आज भारत में समानता का अधिकार मिल पाता।