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… तो हो गया फाइनल! राजस्थान में भाजपा किसके ‘नेतृत्व’ में लड़ेगी विधानसभा चुनाव?

- राजस्थान भाजपा में छटने लगे 'संशय के बादल'! ... तो विधानसभा चुनाव तक प्रदेशाध्यक्ष रहेंगे डॉ सतीश पूनिया, नड्डा कार्यकाल बढ़ने के साथ तय हुआ पूनिया का 'भविष्य', हालांकि औपचारिक ऐलान अभी होना है बाक़ी, तरुण चुघ और अरुण सिंह पहले ही दे गए थे संकेत  

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BJP leader Satish Poonia state president tenure to be continued

जयपुर।

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के कार्यकाल को मिले एक्सटेंशन के बाद अब प्रदेश भाजपा अध्यक्ष डॉ सतीश पूनिया के कार्यकाल को लेकर जारी उहापोह की स्थिति अब लगभग ख़त्म हो रही है। राज्य में इसी वर्ष चुनाव के मद्देनज़र पार्टी ने राष्ट्रीय अध्यक्ष की तर्ज़ पर प्रदेश अध्यक्ष पद पर भी बदलाव नहीं करने का विचार लगभग पक्का कर लिया है। हालांकि इस बारे में औपचारिक ऐलान होना अभी बाक़ी है।

गौरतलब है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के ठीक बाद ही प्रदेशाध्यक्ष डॉ सतीश पूनिया का अध्यक्षीय कार्यकाल पूरा हो चुका है। इस बीच इस महत्वपूर्ण पद पर बदलाव होने की चर्चाएं होने लगी थीं। पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं के नामों को विकल्प के तौर पर सुझाया जा रहा था, तो वहीं मीडिया और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी प्रदेशाध्यक्ष पद पर बदलाव को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही थीं।

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'रिस्क' नहीं लेना चाहती भाजपा

नई दिल्ली में मंगलवार को संपन्न भाजपा राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक के 'निष्कर्ष' से ये तो साफ़ हो गया है कि पार्टी किसी भी तरह का बड़ा बदलाव करके किसी भी तरह का रिस्क लेने के मूड में नहीं है। इसका सबसे बड़ा उदाहरण राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के अध्यक्षीय कार्यकाल को लोकसभा चुनाव 2024 तक के लिए बढ़ाए जाने से सामने आया है। ऐसे में ये भी लगभग तय हो गया है कि सतीश पूनिया के प्रदेशाध्यक्ष पद पर रहते हुए उन्हीं के नेतृत्व में संगठन आगामी विधानसभा चुनाव की दिशा में आगे बढ़ेगा।

जून 2019 में संभाली थी कमान

भाजपा के वरिष्ठ नेता सतीश पूनिया ने सितंबर 2019 में प्रदेशाध्यक्ष पद की कमान संभाली थी। उन्हें जून 2019 में मदनलाल सैनी के निधन के बाद प्रदेश संगठन के नेतृत्व का ज़िम्मा मिला था। पूनिया का इस पद पर केंद्रीय संगठन की ओर से मनोनयन किया गया था। हालांकि उसी वर्ष दिसंबर में हुए संगठन चुनाव प्रक्रिया के बाद भी उन्हें ही इस पद पर चुना गया था।

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वसुंधरा खेमे को 'झटका'!

प्रदेश में इसी वर्ष प्रस्तावित विधानसभा चुनाव तक सतीश पूनिया के भाजपा प्रदेशाध्यक्ष पद पर बरकरार रहना लगभग तय है। इसे पूर्व सीएम वसुंधरा राजे समर्थित गुट को झटके के तौर पर भी देखा जा रहा है। गौरतलब है कि राजे और पूनिया गुट के बीच की गुटबाज़ी कई दफा खुलकर सामने आ चुकी है। राजे गुट केंद्रीय नेतृत्व से पूर्व सीएम को अगला सीएम चेहरा प्रोजेक्ट करके चुनावी अभियान में आगे बढ़ने की मांग करता रहा है। अब उनकी ये मांग पूनिया के प्रदेशाध्यक्ष कार्यकाल बढ़ने के साथ में बैकफुट पर आ सकती है।

चुघ-सिंह जयपुर में दिए थे संकेत

भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया के कार्यकाल को एक्सटेंशन दिए जाने के संकेत राष्ट्रीय महामंत्री तरुण चुघ ने जयपुर प्रवास के दौरान ही दे दिए थे। भाजपा मुख्यालय पर मीडिया से बातचीत में चुघ ने कहा था कि पार्टी में लोकतंत्र है और उसके आधार पर पार्टी फैसला करती है।अभी पार्टी में कहीं भी चुनाव घोषित नहीं किए हैं, इसलिए अब जो पदाधिकारी जहां पर है वैसे ही काम करते रहेंगे। कार्यकर्ता का कार्यकाल चुनाव के साथ जुड़ता है। इससे पहले राष्ट्रीय महामंत्री अरुण सिंह भी पूनिया का प्रदेशाध्यक्ष का कार्यकाल 2023 में बरकरार रहने के संकेत दे चुके हैं।