
जयपुर।
गहलोत सरकार में लगता है भाजपा विधायकों की सुनवाई नहीं हो रही है। यही वजह है कि अब विरोधी दल के विधायकों को सार्वजनिक प्लेटफॉर्म के ज़रिये मुख्यमंत्री तक अपनी बात मुख्यमंत्री और उनके मातहतों तक पहुंचाने की ज़रुरत पड़ रही है। इसकी बानगी नज़र आई है चौमूं से भाजपा विधायक रामलाल शर्मा के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के नाम जारी किये गए एक वीडियो मैसेज से।
दरअसल, भाजपा विधायक रामलाल शर्मा ने अपने विधानसभा क्षेत्र की सामोद ग्राम पंचायत की बेशकीमती सरकारी ज़मीन को खुर्द-बुर्द करने का मामला उठाया है। शर्मा ने मुख्यमंत्री के नाम वीडियो मैसेज जारी करते हुए कहा है कि सीएमओ स्तर तक भी सुनवाई नहीं होने से परेशान होकर उन्हें अपनी बात इस तरह से पहुंचानी पड़ रही है।
सीएमओ अफसर नहीं कर रहे सुनवाई
विधायक रामलाल शर्मा ने वीडियो मैसेज में बताया कि विधानसभा क्षेत्र में सरकारी भूमि को खुर्द-बुर्द करने के मामले को उन्होंने सीएमओ स्तर तक पहुंचाने की कोशिश की। कई वरिष्ठ प्रशासनिक अफसरों को समस्या समाधान और उचित कार्रवाई करने बाबत कई बार अपील की गई। लेकिन अफसरों की ओर से कोई जवाब नहीं दिया जा रहा है।
पूर्व प्रशासनिक अफसर की शह पर घपला !
विधायक रामलाल शर्मा ने मुख्यमंत्री को जारी वीडियो में बाकायदा एक पूर्व प्रशासनिक अफसर का नाम भी लिया है। विधायक ने कहा कि अतुल गर्ग नाम के एक पूर्व अफसर की शह पर और सीएमओ स्तर के अधिकारियों की लापरवाह कार्यशैली के चलते सरकार की 18 बीघा की बेशकीमती ज़मीन खुर्द-बुर्द की गई है।
मुख्यमंत्री से कार्रवाई की अपील
विधायक ने मुख्यमंत्री को सम्बोधित करते हुए इस मामले में हस्तक्षेप की अपील की है। विधायक ने मामले को गंभीरता से लेते हुए उच्च स्तरीय जांच और दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
ये है मामला
ये पूरा मामला चौमूं विधानसभा क्षेत्र के सामोद ग्राम पंचायत की बंधोड़ ग्राम पंचायत से जुड़ा है। विधायक रामलाल का कहना है कि वर्ष 1967 में यहां की लगभग 18 बीघा ज़मीन को सार्वजनिक प्याऊ के नाम पर आवंटित किया गया था। आरोप है कि अधिकारियों से मिलीभगत करके इस बेशकीमती ज़मीन को खुर्द-बुर्द किया गया है। आरोप है कि इस गड़बड़झाले में बड़े स्तर के अधिकारियों की लिप्तता है।
Updated on:
09 Jan 2022 03:45 pm
Published on:
09 Jan 2022 03:44 pm
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