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धरने के बहाने फिर उजागर हुई बीजेपी की गुटबाजी, पूर्ण समर्थन नहीं मिलने से दिखी नाराजगी, किरोड़ी ने सतीश पूनिया पर उठाए सवाल

-भाजपा के राज्यसभा सांसद किरोड़ी लाल मीणा ने कहा, पार्टी और नेताओं ने मजबूती से नहीं दिया साथ, पार्टी नेताओं की आलाकमान से शिकायत करेंगे सांसद किरोड़ी लाल मीणा, चुनावी साल में पार्टी नेताओं में गुटबाजी ने बढ़ाई शीर्ष नेतृत्व की टेंशन

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जयपुर। पेपर लीक मामले की सीबीआई जांच की मांग को लेकर 12 दिनों तक चले भाजपा के राज्यसभा सांसद किरोड़ी लाल मीणा के धरने के बहाने एक बार फिर बीजेपी की अंदरूनी गुटबाजी खुलकर सामने आ गई है। पार्टी आलाकमान भले ही नेताओं की एकजुटता का दावा करता हों लेकिन बीजेपी में ही अंदर खाने गुटबाजी चरम पर है।

इसका अंदर अंदाजा इसी बात से लगा सकते हैं कि पेपर लीक मामले की सीबीआई जांच की मांग को धरने पर बैठे सांसद की लाल मीणा ने भी अपनी पार्टी और नेताओं पर साथ नहीं देने के आरोप लगाए हैं, उसके बाद से ही एक बार फिर बीजेपी के सियासी गलियारों में गुटबाजी को लेकर चर्चाओं का दौर चल पड़ा है।


इधर प्रदेश में 11 महीने के बाद होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी में नेताओं के बीच गुटबाजी की खबरों ने एक बार फिर शीर्ष नेताओं की टेंशन बढ़ा दी है। माना जा रहा है कि जिस तरह से भाजपा के राज्यसभा सांसद किरोड़ी लाल मीणा ने अपने पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष और अन्य नेताओं पर सवाल खड़े किए हैं उससे आने वाले दिनों में पार्टी में गुटबाजी की खाई और बढ़ सकती है। वहीं चर्चा यह है भी पार्टी नेताओं की ओर साथ नहीं दिए जाने से आहत सांसद किरोड़ी शीर्ष नेताओं से इस मामले की शिकायत करेंगे।

यह कहा था सांसद किरोड़ी लाल मीणा ने
दरअसल शनिवार को राज्यसभा सांसद किरोड़ी लाल मीणा ने कहा था कि उन्होंने मैंने सीबीआई जांच की मांग को लेकर जो धरना शुरू किया था वो पार्टी के प्रदेश प्रभारी अरुण सिंह और प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया की अनुमति से शुरू किया था।

31 जनवरी को सतीश पूनिया भाजयुमो के अध्यक्ष हिमांशु शर्मा के साथ मेरे धरने में भी आए थे और कहा था कि अगले दिन भारतीय जनता युवा मोर्चा प्रदेश भर में सीबीआई जांच की मांग को लेकर धरना देगा लेकिन कहीं भी धरना नहीं दिया गया। सांसद किरोड़ी ने कहा कि सतीश पूनिया पार्टी के अध्यक्ष हैं उनके नेतृत्व में जिस मजबूती के साथ में इस मुद्दे को उठाया जाना चाहिए था ऐसा नहीं हुआ है जिससे मुझे भी निराशा हाथ लगी है।

पूर्ण समर्थन की बजाए व्यक्तिगत ही धरने में पहुंचे थे नेता
दिलचस्प बात तो यह है कि पार्टी की ओर से भले ही राज्यसभा सांसद किरोड़ी लाल मीणा के धरने को पूर्ण समर्थन देने का दावा किया जा रहा हो लेकिन हकीकत यह है कि सांसद मीणा के समर्थन में पार्टी के तमाम नेता नहीं पहुंचे थे, एक-एक करके ही व्यक्तिगत तौर पर पार्टी नेता धरने में शामिल हुए थे जिनमें उप नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़, विधायक रामलाल शर्मा, अशोक लाहोटी शामिल हुए थे तो वहीं पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने ट्वीट करके धरने को समर्थन दिया था। उसके बाद कि प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष सतीश पूनिया की धरने में पहुंचे थे।

12 फरवरी तक किया धरना स्थगित
इससे पहले राज्यसभा सांसद किरोड़ी लाल मीणा और गृह राज्य मंत्री राजेंद्र यादव के बीच शनिवार दोपहर पुलिस कमिश्नरेट मुख्यालय में वार्ता हुई थी। वार्ता के बाद सांसद किरोडी लाल मीणा ने 12 फरवरी तक अपना धरना स्थगित कर दिया है हालांकि किरोड़ी अभी भी पेपर लीक मामलों की सीबीआई जांच की मांग पर अड़े हुए हैं। चर्चा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 12 फरवरी को दौसा के मीणा हाईकोर्ट में प्रस्तावित जनसभा के मद्देनजर भी सांसद किरोड़ी लाल मीणा ने अपना धरना स्थगित किया है।

वीडियो देखेंः- किरोड़ी का फिर जयपुर कूच | Kirodi Lal Meena | Jaipur