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Rajasthan Politics: राजस्थान बीजेपी के प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने गुरुवार को कांग्रेस पर वोट चोरी को लेकर हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि वोट चोरी की शुरुआत कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी ने की थी। राठौड़ ने कहा कि सोनिया गांधी को 1983 में भारत की नागरिकता मिली, लेकिन वह 1980 में ही मतदाता सूची में शामिल हो गई थीं। उन्होंने इसे ‘चोर मचाए शोर’ की संज्ञा देते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा।
बता दें, यह बयान चित्तौड़गढ़ के निम्बाहेड़ा में विधायक चंद्रभान आक्या की तिरंगा यात्रा में शामिल होने के दौरान पत्रकारों से बातचीत में दिया गया।
राठौड़ ने कहा कि कांग्रेस जब चुनाव हारती है तो वोट चोरी का आरोप लगाती है, लेकिन जीतने पर अपनी पीठ थपथपाती है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर बीजेपी वोट चोरी करती तो कांग्रेस के बड़े नेता जैसे राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, अशोक गहलोत, सचिन पायलट, टीकाराम जूली और गोविंद सिंह डोटासरा कैसे चुनाव जीत जाते? उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अगर बीजेपी को वोट चोरी करनी होती तो वह कांग्रेस के इन ‘मठाधीशों’ को धराशायी कर देती।
राठौड़ ने कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उसने वोट बैंक के लिए रोहिंग्या और बांग्लादेशी घुसपैठियों को मतदाता सूची में शामिल करवाया। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या इस देश में शासन का फैसला रोहिंग्या और बांग्लादेशी करेंगे या भारतीय नागरिक?
उन्होंने कहा कि जब इनके नाम मतदाता सूची से हटाए जाते हैं, तो कांग्रेस को परेशानी होती है, क्योंकि उनका वोट बैंक खिसकने का डर सताता है। राठौड़ ने कहा कि मतदाता सूची का पुनरीक्षण एक सामान्य प्रक्रिया है, जिसमें 18 वर्ष की आयु पूरी करने वालों के नाम जोड़े जाते हैं और मृतकों या स्थानांतरित लोगों के नाम हटाए जाते हैं।
कांग्रेस को चुनौती देते हुए राठौड़ ने कहा कि अगर प्रतिस्पर्धा करनी है तो जनसेवा में करें। उन्होंने कहा कि हमसे ज्यादा लोगों की सेवा करके दिखाओ। जनता का आशीर्वाद पाने के लिए सेवा करो, न कि गलत तरीकों से सत्ता हासिल करने की कोशिश। उन्होंने कांग्रेस पर गलत तरीके से रोहिंग्या और बांग्लादेशियों को मतदाता बनाकर सत्ता पाने की कोशिश का आरोप लगाया।
छात्रसंघ चुनावों के मुद्दे पर राठौड़ ने कहा कि बीजेपी शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से चुनाव करवाएगी। उन्होंने कहा कि छात्रों की प्राथमिकता शिक्षा होनी चाहिए। चुनाव की प्रक्रिया अलग-अलग हो सकती है, जैसे कुछ स्थानों पर मनोनयन की प्रक्रिया अपनाई जाती थी। उन्होंने कहा कि चुनाव कब होंगे, यह फैसला नेतृत्व को करना है।
चित्तौड़गढ़ में अफीम उत्पादन के सवाल पर राठौड़ ने कहा कि अफीम का उपयोग दवा के रूप में होना चाहिए, न कि व्यसन के लिए। उन्होंने कहा कि गलत तरीके से अफीम उत्पादन करने वालों को गिरफ्तार किया जाना चाहिए। इसका उपयोग वैज्ञानिक तरीके से दवाइयों के लिए होना चाहिए, न कि आम नागरिकों द्वारा।
Updated on:
14 Aug 2025 07:04 pm
Published on:
14 Aug 2025 07:04 pm
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