3 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Rajasthan: प्रदेश में इस विभाग की ब्लॉक सुपरवाइजर अब महिलाओं के लिए बनेंगी साइबर सुरक्षा दूत, दी जा रही ट्रेनिंग

राजस्थान में महिला अधिकारिता विभाग ने एक अनूठी पहल शुरू की है। ब्लॉक सुपरवाइजर अब साइबर सुरक्षा दूत बनकर महिलाओं को ऑनलाइन खतरों से बचाएंगी। इन्हें साइबर सुरक्षा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की विशेष ट्रेनिंग दी जा रही है।

2 min read
Google source verification

जयपुर

image

Kamal Mishra

Aug 24, 2025

Block supervisors Empowerment Department

Block supervisors Empowerment Department

जयपुर। महिला अधिकारिता विभाग की ब्लॉक सुपरवाइजर अब महिलाओं के लिए साइबर सुरक्षा दूत बनेंगी। कॉलोनियों से लेकर गांव-ढाणियों तक जाकर वे महिलाओं को साइबर अपराधों के बारे में जागरूक करेंगी, साथ ही उनसे बचाव के तरीके और संबंधित कानूनों की जानकारी भी देंगी। इसको लेकर ब्लॉक सुपरवाइजरों को प्रशिक्षित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। महिलाओं को डिजिटल युग में सुरक्षित रखने की दिशा में विभाग की यह पहल अहम कदम मानी जा रही है।

प्रशिक्षण पूरा होने के बाद जिलों में पदस्थापित ब्लॉक सुपरवाइजर अपने-अपने क्षेत्रों में जाकर महिलाओं को साइबर सुरक्षा से जुड़े जोखिमों, कानूनी प्रावधानों और आत्मरक्षा के उपायों के बारे में विस्तार से बताएंगी। इसके साथ ही महिलाओं को सुरक्षा उपलब्ध कराने के लिए उनसे जुड़े अन्य कानूनों की भी जानकारी दी जाएगी। इस उद्देश्य से विभाग ने कुल 329 सुपरवाइजरों को प्रशिक्षण देना प्रारंभ कर दिया है।

ट्रेनिंग के लिए अलग-अलग बैच

प्रशिक्षण के लिए अलग-अलग बैच बनाए गए हैं, जिनमें एक बैच में लगभग 30 से 35 सुपरवाइजरों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद सुपरवाइजर अपनी टीम, विशेषकर साथिनों के साथ मिलकर मोहल्लों, गांवों और ढाणियों में जाकर महिलाओं को साइबर अपराधों को लेकर जागरूक करेंगी।

एआइ का भी मिलेगा ज्ञान

विभाग महिलाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआइ) का ज्ञान भी देगा। इसके लिए ब्लॉक सुपरवाइजरों को एआइ का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उन्हें आधुनिक तकनीकों की भी जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि वे महिलाओं को न केवल साइबर सुरक्षा बल्कि नई तकनीकों के सुरक्षित उपयोग के बारे में भी जागरूक कर सकें। एआइ की जानकारी प्रदान करने की दिशा में विभाग ने व्यापक तैयारी शुरू कर दी है।

यह होंगे फायदे

  • साइबर अपराधों के खिलाफ महिलाओं के लिए ब्लॉक सुपरवाइजर सुरक्षा कवच की भूमिका निभाएंगी।
  • प्रशिक्षित सुपरवाइजरों का नेटवर्क ब्लॉक स्तर पर महिलाओं को सतर्क रहने, उचित कदम उठाने और अपने अधिकारों के प्रति जागरूक करने में अहम भूमिका अदा करेगा।
  • महिलाओं के खिलाफ होने वाली हिंसा की रोकथाम और समाधान में मदद मिलेगी।

साइबर अपराधों की घटनाएं बढ़ रही हैं। खासतौर पर महिलाएं असुरक्षित हो रही हैं। हमारी ब्लॉक सुपरवाइजर और साथिनें कॉलोनियों, गांवों और ढाणियों में महिलाओं को साइबर अपराधों से बचाव के उपायों के साथ-साथ एआइ के सुरक्षित उपयोग के बारे में भी सिखाएंगी। - नीतू राजेश्वर, आयुक्त, महिला अधिकारिता विभाग