
Block supervisors Empowerment Department
जयपुर। महिला अधिकारिता विभाग की ब्लॉक सुपरवाइजर अब महिलाओं के लिए साइबर सुरक्षा दूत बनेंगी। कॉलोनियों से लेकर गांव-ढाणियों तक जाकर वे महिलाओं को साइबर अपराधों के बारे में जागरूक करेंगी, साथ ही उनसे बचाव के तरीके और संबंधित कानूनों की जानकारी भी देंगी। इसको लेकर ब्लॉक सुपरवाइजरों को प्रशिक्षित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। महिलाओं को डिजिटल युग में सुरक्षित रखने की दिशा में विभाग की यह पहल अहम कदम मानी जा रही है।
प्रशिक्षण पूरा होने के बाद जिलों में पदस्थापित ब्लॉक सुपरवाइजर अपने-अपने क्षेत्रों में जाकर महिलाओं को साइबर सुरक्षा से जुड़े जोखिमों, कानूनी प्रावधानों और आत्मरक्षा के उपायों के बारे में विस्तार से बताएंगी। इसके साथ ही महिलाओं को सुरक्षा उपलब्ध कराने के लिए उनसे जुड़े अन्य कानूनों की भी जानकारी दी जाएगी। इस उद्देश्य से विभाग ने कुल 329 सुपरवाइजरों को प्रशिक्षण देना प्रारंभ कर दिया है।
प्रशिक्षण के लिए अलग-अलग बैच बनाए गए हैं, जिनमें एक बैच में लगभग 30 से 35 सुपरवाइजरों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद सुपरवाइजर अपनी टीम, विशेषकर साथिनों के साथ मिलकर मोहल्लों, गांवों और ढाणियों में जाकर महिलाओं को साइबर अपराधों को लेकर जागरूक करेंगी।
विभाग महिलाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआइ) का ज्ञान भी देगा। इसके लिए ब्लॉक सुपरवाइजरों को एआइ का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उन्हें आधुनिक तकनीकों की भी जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि वे महिलाओं को न केवल साइबर सुरक्षा बल्कि नई तकनीकों के सुरक्षित उपयोग के बारे में भी जागरूक कर सकें। एआइ की जानकारी प्रदान करने की दिशा में विभाग ने व्यापक तैयारी शुरू कर दी है।
साइबर अपराधों की घटनाएं बढ़ रही हैं। खासतौर पर महिलाएं असुरक्षित हो रही हैं। हमारी ब्लॉक सुपरवाइजर और साथिनें कॉलोनियों, गांवों और ढाणियों में महिलाओं को साइबर अपराधों से बचाव के उपायों के साथ-साथ एआइ के सुरक्षित उपयोग के बारे में भी सिखाएंगी। - नीतू राजेश्वर, आयुक्त, महिला अधिकारिता विभाग
Published on:
24 Aug 2025 12:20 pm
बड़ी खबरें
View Allजयपुर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
