
जयपुर। इरफान खान के निधन से हर कोई सकते में है। उन्होंने बॉलीवुड ही नहीं हॉलीवुड तक अपने अभिनय की छाप छोड़ी है। इरफान खान का नाम उन लोगों में शुमार होता है जिन्होंने अपना मुकद्दर खुद बनाया। मुंबई जैसे शहर में उनका कोई गॉडफादर भी नहीं था, लेकिन अपने जीवंत अभिनय से उन्हाेंने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।
जयपुर में शोक की लहर
इरफान का जन्म जयपुर में हुआ था। उनके निधन की खबर के साथ ही जयपुर में भी शोक की लहर दौड़ गई है। इनके पिता का नाम साहबजादे यासीन अली खान और मां का नाम सईदा बेगम था। उन्होंने जयपुर के सी स्कीम स्थित सेंट पॉल स्कूल में पढ़ाई की थी।
सुतापा सिकंदर को बनाया हमसफर
इरफान खान ने अपनी क्लासमेट सुतापा सिकंदर से 1995 में शादी की थी। इरफान के संघर्ष के दिनों में सुतापा हमेशा उनके साथ खड़ी रहीं। खुद इरफान ने पत्नी सुतापा सिकदर के बारे में कहा था कि उसके बारे में क्या कहूं? वो मेरे लिए सातों दिन 24 घंटे खड़ी रही। मेरी देखभाल की और मुझे बहुत मदद मिली। इरफान के दो बेटे बाबिल और अयान हैं।
इरफान खान के तीन भाई बहन
इरफान खान के तीन भाई बहन हैं। उनकी बहन रुकसाना हैं जो उनसे बड़ी हैं। दो छोटे भाई इमरान खान और सलमान खान हैं। इरफान का बचपन जयपुर के परकोटे में गुजरा। उनको पतंग उड़ाने और क्रिकेट खेलने का बहुत शौक था। इसके अलावा बचपन से ही उनको अभिनय का शौक था।
पिता चाहते थे कारोबार संभालें
इरफान के पिता यासीन अली खान का टायर का बिजनेस था और वे चाहते थे कि इरफान भी उनका कारोबार संभालें, लेकिन इरफान पर अभिनय का जुनून सवार था। उन्होंने अपने अभिनय के कॅरियर की शुरुआत जयपुर के रवींद्र मंच से की थी। रवींद्र मंच से अपने हुनर को आगे बढ़ाने के लिए इरफान दिल्ली चले गए गए। दिल्ली में उन्होंने नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा में एडमिशन लिया। जहां से उन्होंने हुनर के जरिए दुनिया को दीवाना बनाया। इरफान को आंखों से अदाकारी के लिए जाना जाता था।
हाल ही में हुआ मां का निधन
इरफान की मां सईदा बेगम का हाल ही में निधन हो गया था। उनके छोटे बेटे सलमान खान ने बताया कि मां वैसे तो स्वस्थ थी, लेकिन अचानक से शनिवार सुबह उनकी तबियत बिगड़ गई और उन्होंने घर पर ही अंतिम सांस ली। इरफान खान ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के द्वारा अपनी मां के अंतिम दर्शन किए। सलमान ने बताया कि हाल ही में कोरोना वायरस के चलते मां सईदा बेगम ने इरफान खान से उनके हाल-चाल जाने थे। इरफान भाई ने भी मां की तबियत पूछी थी। सईदा बेगम इरफान को जिंदगी भर अपनी आंखों का तारा मानती रहीं।
साहबजादा इरफान अली खान था इरफान का पूरा नाम
इरफान खान के इंतेकाल से टोंक में भी गम छा गया। नवाब परिवार से जुड़े नवाबजादा हामिद अली खां, साहबजादा अब्दुल मुनीम खान, आसिफ खान, जुनेद असलम आदि ने बताया कि अभिनेता इरफान खान का बचपन टोंक में गुजरा। उनका ननिहाल शाही जामा मस्जिद के पीछे हकीम बुकरात के यहां था। वहीं उनका भी मकान था। इरफान खान क्रिकेट खेलते थे। कचहरी दरवाजा तथा बड़ा कुआं क्षेत्र की गलियों में दोस्तों के साथ खूब खेले हैं। बचपन में टोंक में क्रिकेट भी खेली है। 7 जनवरी 1967 को जन्मे इरफान का पूरा नाम साहबजादा इरफान अली खान था।
Updated on:
29 Apr 2020 04:53 pm
Published on:
29 Apr 2020 03:58 pm
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