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VIDEO: विवाद-बवाल रखिए एक तरफ, फिल्म पद्मावती के इन डायलॉग्स को सुनकर हर राजपूत की छाती हो जाएगी चौड़ी

Film Padmavati Dialogues इस बीच फिल्म के अब तक सामने आये दो डायलॉग्स राजपूती आन-बान-शान को दर्शाने के लिए काफी हैं।

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जयपुर।

निर्देशक संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्मावती की रिलीज़ तारीख एक दिसंबर है और उससे ठीक पहले इस फिल्म को लेकर गर्माया विवाद किसी से छिपा नहीं है। फिल्म रिलीज़ से पहले ही इसके कथित विवादित दृश्यों को लेकर राजपूत सहित अन्य संगठनों का ज़बरदस्त विरोध उबाल पर है। फिल्म के प्रदर्शन को पूरी तरह से बैन किए जाने की भी मांग ज़ोर पकड़ने लगी है।

फिल्म रिलीज़ को लेकर आखिरी निर्णय सेंसर बोर्ड को लेना है। 19 नवम्वर को संभवतया बोर्ड के सदस्य फिल्म को देखने बैठेंगे। जिसके बाद तय होगा कि फिल्म में विवादित कहे जा रहे दृश्यों को हटाया जाएगा या बिना कैंची चलाए ही इसे पास पर दिया जाएगा। फिल्म का ट्रेलर पहले ही रिलीज़ किया जा चुका है और इसे ज़बरदस्त रेस्पोंस भी मिला। फिल्म के ट्रेलर और सांग्स को भी सोशल मीडिया में बढ़ चढ़ कर देखा जा रहा है।

इस बीच फिल्म के अब तक सामने आये दो डायलॉग्स राजपूती आन-बान-शान को दर्शाने के लिए काफी हैं। इन डायलॉग्स को हर वर्ग और हर समाज के दर्शक खासा पसंद कर रहे हैं। अभी फिलहाल दो डायलॉग्स ही सामने आये हैं। फिल्म से जुड़े सूत्रों का कहना है कि इसी तरह के और भी डायलॉग्स फिल्म में हैं। फिल्म में इन डायलॉग्स को लिखने की ज़िम्मेदारी निभाई है जाने-माने लेखक प्रकाश कपाड़िया ने। इससे पहले कपाड़िया ने बाजीराव मस्तानी, ब्लैक, देवदास और सांवरिया के डायलॉग्स लिखे हैं।

ये डायलॉग्स किये जा रहे पसंद हैं...


चिंता को तलवार की नोक पर रखे, वो राजपूत... रेत की नाव लेकर समंदर से शर्त लगाए वो राजपूत... और जिसका सर कटे फिर भी धड़ दुश्मन से लड़ता रहे वो राजपूत


राजपूती कंगन में उतनी ही ताकत है जितनी राजपूती तलवार में


फिल्म 'पद्मावती' का निर्माण भंसाली प्रोडक्शन्स और वायकॉम 18 मोशन पिक्चर्स ने किया है। फ़िल्म में मुख्य भूमिका में दीपिका पादुकोण , शाहिद कपूर और रणवीर सिंह हैं। यह फ़िल्म 1 दिसम्बर 2017 को सिनेमाघरों में प्रदर्शित होगी। इस फ़िल्म में चित्तौड़ की प्रसिद्द राजपूत रानी पद्मिनी का वर्णन किया गया है जो रावल रतन सिंह की पत्नी थीं। यह फ़िल्म दिल्ली सल्तनत के तुर्की शासक अलाउद्दीन खिलजी का 1303 ई. में चित्तौड़गढ़ के दुर्ग पर आक्रमण को भी दर्शाती है।

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इतिहास के अनुसार चित्तौड़ पर अलाउद्दीन के आक्रमण का कारण रानी पद्मिनी के सौन्दर्य के प्रति उसका आकर्षण था। 28 जनवरी 1303 ई. को सुल्तान चित्तौड़ के क़िले पर अधिकार करने में सफल हुआ। राणा रतन सिंह युद्ध में शहीद हुए और उनकी पत्नी रानी पद्मिनी ने अन्य स्त्रियों के साथ आत्म-सम्मान और गौरव को मृत्यु से ऊपर रखते हुए जौहर कर लिया।

ऐसे शुरू हुआ था विरोध
जनवरी 2017 में जयपुर में फिल्म की शूटिंग के दौरान श्री राजपूत करणी सेना के कुछ सदस्यों ने फिल्म का विरोध किया और जयगढ़ दुर्ग में फिल्म के सेट पर तोड़फोड़ की। उन्होंने आरोप लगाया की फिल्म में ऐतिहासिक तथ्यों के साथ छेड़छाड़ की गई है। हालांकि फिल्म निर्माता लगातार यह आश्वासन दे रहे हैं कि फिल्म में कुछ भी आपत्तिजनक नहीं है। फिल्म का उत्पादन बजट 160 करोड़ से बढ़कर 200 करोड़ से भी ऊपर पहुंच गया। अब इसके सबसे महंगी बॉलीवुड फिल्म होने की उम्मीद की जा रही है।