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वर्ल्ड मैप पर पहचान बना रही जयपुर की ब्रेल बुक्स लाइब्रेरी

वर्ल्ड मैप पर पहचान बना रही जयपुर की ब्रेल बुक्स लाइब्रेरी

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जयपुर

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Rajesh

Jun 21, 2018

जयपुर.

गुलाबी शहर का खान-पान, संस्कृति, पहनावा, मॉन्यूमेंट्स के बाद अब यहां की ब्रेल लाइब्रेरी वल्र्ड मैप पर अपनी छाप छोड़ रही है। शहर की ब्रेल लाइब्रेरी की किताबें सात संमदर पार विदेश में पढ़ी जा रही हैं। इतना ही नहीं ब्रेल पेपर ने भी विदेशों में अपनी पहचान बनाई है। हम बात कर रहे हैं गणगौरी बाजार स्थित राजस्थान नेत्रहीन कल्याण संघ में संचालित ब्रेल बुक्स लाइब्रेरी की। गैर सरकारी क्षेत्र में देश की यह पहली ब्रेल लाइब्रेरी है। इस लाइब्रेरी की बुक्स श्रीलंका तक पहुंच रही है।

संघ से मिली जानकारी के अनुसार लाइब्रेरी से बुक्स श्रीलंका में जाती है। श्रीलंका से साहित्यकार समय-समय पर किताबें मंगवाते रहते हैं। खासबात यह है कि लाइब्रेरी में मेम्बर बनने के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाता। ब्रेल बुक्स खरीदने से लेकर उन्हें विदेश पहुंचाने का सारा खर्च संघ ही वहन करता है।
ब्रेल लाइब्रेरी में करीब 1100 किताबें उपलब्ध हैं, जिनमें काव्य, नाटक, आध्यात्म, जीवन वृत, साहित्य व्यंग्य, विज्ञान, राजनीति आदि को 50 कैटेगिरी में शामिल किया गया है। इसके अलावा 150 उपन्यास और 120 कहानियों की किताबें मौजूद हैं।

घर-घर जाकर देते हैं बुक्स-

जानकारी के अनुसार जयपुर में यदि कोई भी रीडर लाइब्रेरी से बुक्स मंगवाते हैं, तो उसे लाइब्रेरियन घर जाकर बुक्स देकर आता है। रीडर को लाइब्रेरी में आकर बुक्स इश्यू करवाने की जरूरत नहीं है।

आंखों की रोशनी बन रहा ब्रेल न्यूज पेपर

देश का पहला और राज्य का एकमात्र ब्रेल समाचार पत्र भी देश के 16 हिंदी भाषी राज्यों सहित अब श्रीलंका और लंदन तक पहुंच गया है। 18 साल पहले शुरू हुआ यह पाक्षिक ब्रेल न्यूज पेपर भारत के कई राज्यों में डिस्ट्रिब्यूट हो रहा है। जयपुर में फिलहाल 50 कॉपियां और भारत के कई राज्यों में 600 कॉपियां डिस्ट्रिब्यूट हो रही हैं। अच्छी बात यह है कि 16 राज्यों के लगभग एक लाख से अधिक ब्लाइंड पर्सन इस अखबार का लाभ उठा रहे हैं। दुख की बात तो यह है कि सरकारी सहायता के नाम पर गवर्नमेंट ने आंखें मूंद रखी हैं। कई साल पहले गवर्नमेंट की ओर से संवाद शैली में पानी पर एक विज्ञापन जरूर मिला था, उसके बाद से आज तक एक भी विज्ञापन नहीं मिला है।

16 राज्यों में डिस्ट्रिब्यूट हो रहा पेपर

जानकारी के अनुसार जयपुर के अलव भारत के 16 राज्यों में न्यूज पेपर डिस्ट्रिब्यूट हो रहा है। असम, मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, उड़ीसा, केरल, कर्नाटक, आंध्रप्रदेश, पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश में डाक के माध्यम से न्यूज पेपर भेजा जा रहा है।

इन खबरों को मिलती है प्राथमिकता

इस न्यूज पेपर में क्राइम और पॉलिटिकल न्यूज के लिए जगह नहीं है। पेपर में सिर्फ ब्लाइंड पर्सन के काम आने वाली न्यूज ही पब्लिश होती है, जैसे विवाह सम्मेलन, म्यूजिक कॉम्पीटिशन, जीके, अचीवमेंट्स, हेल्थ, रोजगार सूचना आदि।


देश ही नहीं अब विदेश में भी लाइब्रेरी से किताबें भेजी जा रही है। इसके अलावा ब्रेल न्यूज पेपर भी विदेशों में पढ़ा जा रहा है। यह गैर सरकारी क्षेत्र में देश की यह पहली ब्रेल लाइब्रेरी है।
-जितेन्द्र भार्गव, अध्यक्ष, राजस्थान नेत्रहीन कल्याण संघ


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