4 सितंबर 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

जिस कॉले​ज की जांच करनी थी, उसे छोड दूसरे की बना डाली रिपोर्ट, उसके बाद जो हुआ..

पढे—लिखों का ये हाल संदेह पैदा करने वाला
2 min read
Google source verification
jaipur

जिस कॉले​ज की जांच करनी थी, उसे छोड दूसरे की बना डाली रिपोर्ट, उसके बाद जो हुआ..

जयपुर . राजस्थान विश्वविद्यालय की ओर से बीएड कॉलेजों की जांच में बड़ी गड़बड़ी सामने आई है। विवि के दो निरीक्षकों ने आदेशित स्थान के बजाए दूसरे स्थान की जांच कर नए स्थान स्थित नए भवन के पक्ष में सिफारिश कर दी।

विवि ने निरीक्षकों की रिपोर्ट पर कॉलेज का नाम अजमेर स्थित पीटीईटी को बीएड के लिए भेज दिया है। अब कॉलेज में बीएड के नए सत्र में प्रवेश के लिए काउंसलिंग में कॉलेज का नाम दिखाई दे रहा है। विवि ने 20 जून को आगरा रोड स्थित रामकृष्णन् कॉलेज ऑफ एजुकेशन के निरीक्षण के आदेश निकाल ईएएफएम विभाग के वी.के.गुप्ता व संस्कृत विभाग के राजेश कुमार को जिम्मा दिया।

उन्हें पुरानी चुंगी, आगरा रोड पर दो यूनिट यानी 100 छात्राओं की क्षमता के लिए जांच के आदेश दिए। निरीक्षकों ने चार-पांच दिन में ही रिपोर्ट विवि को भेज दी। रिपोर्ट में कॉलेज का पता पुरानी चुंगी, आगरा रोड के बजाए नायला, कानोता लिखा।


100 छात्राओं के लिए माना उपयुक्त

रिपोर्ट में कॉलेज में 14 कक्षाएं, तीन प्रयोगशालाएं, 250 छात्रों की क्षमता वाला पुस्तकालय बताया। कॉलेज को सौ छात्राओं के प्रवेश लेने के लिए अधिकृत माना।


मान्यता ही नहीं

नेशनल काउंसिल फॉर टीचर्स ट्रेनिंग (एनसीटीइ) के नियमानुसार कोई भी बीएड कॉलेज बिना एनसीटीई मान्यता स्थान परिवर्तन नहीं कर सकता। जगह बदलने के लिए पहले एनसीटीई को पत्र लिखना होगा। वहां से टीम नए स्थान की जांच करेगी, इसके बाद नए स्थान की अनुमति देगी। जबकि रामकृष्णन् कॉलेज को अभी तक एनसीटीई की मान्यता नहीं मिली है।


स्पष्टीकरण से इतिश्री

कॉलेज की छात्राओं ने अनियमितताओं के खिलाफ विवि प्रशासन को शिकायत की थी। इसमें कॉलेज में शिक्षक नहीं होने, उनसे गर्भवती नहीं होने का शपथ पत्र लेने जैसे गंभीर आरोप भी लगाए गए थे। लेकिन, विवि ने जांच करवाने के बजाए केवल स्पष्टीकरण लेकर इतिश्री कर ली।


इस बारे में अभी कुछ नहीं कह सकता। फाइल देखकर ही बता पाऊंगा।
-राजेश कुमार, जांच निरीक्षक


उस भवन में कॉलेज का बोर्ड लगा था, सारा स्टॉफ मौजूद था। तभी निरीक्षण किया गया है।
-वी.के.गुप्ता, जांच निरीक्षक

बड़ी खबरें

View All

जयपुर

राजस्थान न्यूज़

ट्रेंडिंग