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विधानसभा में कैमरा विवाद: स्पीकर बोले- कैमरों ऑडियो रिकॉर्ड नहीं होता, जूली ने पूछा- यूट्यूब एक्सेस क्यों नहीं?

Rajasthan Assembly: राजस्थान विधानसभा में बुधवार को विपक्ष की ओर अतिरिक्त कैमरे लगाए जाने को लेकर कांग्रेस विधायकों ने जमकर हंगामा किया।
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Vasudev Devnani and Tikaram Jully

फोटो- पत्रिका नेटवर्क

Rajasthan Assembly: राजस्थान विधानसभा में बुधवार को विपक्ष की ओर अतिरिक्त कैमरे लगाए जाने को लेकर कांग्रेस विधायकों ने जमकर हंगामा किया। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने दो एक्स्ट्रा कैमरों से जासूसी का आरोप लगाते हुए उनके यूट्यूब एक्सेस और संचालन पर सवाल उठाए। विधानसभा स्पीकर वासुदेव देवनानी की सफाई के बावजूद कांग्रेस विधायक संतुष्ट नहीं हुए और सदन में नारे लगाते रहे।

बताते चलें कि आज सदन में प्रश्नकाल शुरू होते ही कांग्रेस विधायकों ने एक्स्ट्रा कैमरों के मुद्दे को उठाया। टीकाराम जूली ने स्पीकर से सवाल किया कि अतिरिक्त कैमरों का एक्सेस किसके पास है और ये कैमरे सदन स्थगित होने के बाद भी क्यों चालू रहते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ये कैमरे विपक्ष की निगरानी के लिए लगाए गए हैं।

जूली- इनका यूट्यूब एक्सेस क्यों नहीं है?

नेता विपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि पहले आपने कहा कि कैमरे अपग्रेड किए गए, फिर कहा कि नए लगाए गए। ये कैमरे किसके निर्देश पर लगे और इनका यूट्यूब एक्सेस क्यों नहीं है? इसके बाद कांग्रेस विधायकों ने सदन की वेल में आकर नारेबाजी शुरू कर दी और पोस्टर लहराए।

हंगामा बढ़ता देख स्पीकर वासुदेव देवनानी ने सफाई दी। उन्होंने कहा कि विधानसभा भवन की स्थापना के समय से ही कैमरे लगे हुए हैं और टाउन हॉल में भी कार्यवाही की वीडियो रिकॉर्डिंग होती रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सदन में लगे किसी भी कैमरे में ऑडियो रिकॉर्डिंग की सुविधा नहीं है, इसलिए निजता के हनन का सवाल ही नहीं उठता।

यहां देखें वीडियो-


तकनीकी उपकरणों को अपग्रेड किया गया

स्पीकर ने कहा कि वन नेशन वन एप्लीकेशन के तहत तकनीकी उपकरणों को अपग्रेड किया गया है। यह सामान्य प्रक्रिया है। इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का एक निश्चित जीवनकाल होता है, जिसके बाद उन्हें बदला जाता है। उन्होंने आगे बताया कि यूट्यूब पर लाइव प्रसारण और राष्ट्रमंडल संसदीय संघ के कार्यक्रमों के लिए विभिन्न एंगल से कवरेज हेतु अतिरिक्त कैमरे लगाए गए हैं। ऑफिसर्स गैलरी में भी विधायकों की शिकायत पर कैमरे लगाए गए। देवनानी ने कहा कि कैमरों से किसी की निजता का हनन नहीं हुआ है। ये आरोप निराधार हैं। संसद में भी कैमरे लगे हैं।