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राजस्थान के इन 123 शिक्षकों के खिलाफ मामला दर्ज, REET परीक्षा में फर्जीवाड़े से लगे नौकरी; पिछली सरकार में हुई थी भर्तियां

शिक्षक भर्ती परीक्षा (REET) 2018 और 2022 में फर्जीवाड़ा कर नौकरी लगने वाले 123 शिक्षकों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।

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Photo- Patrika Network

राजस्थान में शिक्षक भर्ती परीक्षा (REET) 2018 और 2022 में बड़े पैमाने पर धांधली का खुलासा हुआ है। एसओजी ने जालौर जिले के 123 शिक्षकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। जांच के आधार पर इन्होंने संदिग्ध तरीके से सरकारी नौकरी हासिल की। शिक्षा विभाग की ओर से एसओजी को टीचर्स की लिस्ट सौंपी गई है।

जालौर जिले के 95% शिक्षक

इन शिक्षकों पर डमी कैंडिडेट बैठाने, फर्जी तस्वीरें लगाने और अनुचित तरीकों से पेपर हल करने के आरोप हैं। हैरानी की बात तो ये है कि इनमें से 95% शिक्षक जालौर जिले के हैं, जिसे पेपर लीक माफिया का गढ़ माना जाता है।

SOG ने 123 शिक्षकों के खिलाफ धारा 419, 420, 476, 471, 120B और राजस्थान सार्वजनिक भर्ती परीक्षा अनुचित संसाधनों की रोकथाम कानून 2022 के तहत मुकदमा दर्ज किया।

इन शिक्षकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज

खासरवी (जालोर) मनोहरलाल, गुडा हेमा (जालोर) सुरेश विश्नोई, भीमगुडा (जालोर) मुकनाराम, लालपुरा (जालोर) दिनेश कुमार, रामपुरा (जालोर) जगदीश कुमार, खेजडिय़ाली (जालोर) टेकमाराम, सूंथड़ी (जालोर) हनुमान, जारु की ढाणी (जालोर) हनुमानाराम, झोटड़ा (जालोर) सुंदर, माधोपुरा (जालोर) प्रवीण कुमार, तावीदर (जालोर) कांतिलाल, लाखावास (जालोर) मनोहरलाल, दुदावत (जालोर) रमेश विश्नोई, हाड़ेतर (जालोर) तेजाराम, जालोर सुकाराम, बलाना (जालोर) दिनेश कुमार, लाछीवाड़ (जालोर) कमलेश कुमार, कोटड़ा (जालोर) जगदीश विश्नोई, कोटड़ा (जालोर) वगताराम, कोटड़ा (जालोर) राकेश विश्नोई और सांकड़ (जालोर) रामेश्वरी विश्नोई। इस तरह 7 अगस्त को दर्ज प्रकरण में 49 में से 41 आरोपी शिक्षक जालोर जिले के ही है।

8 अगस्त को 73 के खिलाफ मामला दर्ज

8 अगस्त को भी एक अन्य प्रकरण दर्ज करवाया गया है, जिसमें 73 जनों के खिलाफ मामले दर्ज है, जिसमें 70 से अधिक आरोपी शिक्षक जालोर जिले के विभिन्न स्थानों पर तैनात है और आरोपी है। दर्ज प्रकरण के अनुसार पाली जिले के अंतर्गत राजकीय प्राथमिक विद्यालय ढाल के शिक्षक देशराज एक मात्र अन्य जिले का आरोपी है। जबकि अन्य सभी आरोपी क्रमश: जालोर जिले के मूलेवा के हिमांशु मित्तल, मालपुरा में जितेंद्रसिंह, फागोतरा ईराम, रोपसी में लोकेश कुमार, जीतपुरा (जसवंतपुरा) रेखा मीणा, पावली रुचिका शर्मा

पावली शिवराज चौधरी, रेवतड़ा पवन कुमार, जालमपुरा में रचना मीणा, केरलीनाडी में जयलता, डाबली मेना कुमारी मीना, बावतरा में ममता मीणा, वाडा नया शैतानसिंह, जेतू दामोदरसिंह, डूंगरी प्रकाश भादू, खिरोड़ी दिनेश कुमार, खिरोड़ी किशनलाल, सेली से प्रकाश खिलेरी, वापा से गिरधारीराम, ईटादा से ओमप्रकाश, आकोडिया से महेंद्र कुमार सिंगल, हालीवाव से अशोक कुमार, सायर का कोसिटा से ओमप्रकाश, अगड़ावा से सुखराम चौधरी, जालोर दिनेश कुमार, हाडेचा मुकेश कुमार, डावल से मुकेश कुमार

जाणवी अशोक कुमार, गलीफा से प्रकाश कुमार, रतनपुरा से राजेश कुमार, रतनपुरा से गणपतलाल, रतौड़ा से जगदीश, रणौदर से कमलेश कुमार, खिरोडी से खेताराम, धनेरिया से ओमप्रकाश, सेवाड़ा से रमेश कुमार विश्नोई, धनेरिया से पूनमाराम, पादरडी से दिनेश कुमार, माधोपुरा से दिनेश कुमार, अरणाय से सुरेश विश्नोई, चाटवाड़ा से दिनेश कुमार, चाटवाड़ा सुरेश कुमार, चाटवाड़ा से सुरेश कुमार जांगू, तावीदर से प्रवीण राणा, मैत्रीवाड़ा से उमेश कुमार, जालोर से कमलेश कुमार, रामपुरा से अशोक विश्नोई, चारा से मीनाक्षी वर्मा, चितरौडी से प्रवीण कुमार

मंडारडी से प्रवीण कुमार, मांग से मुकेश, कोटड़ा से मनोहर, डाडोकी से संजय राणा, गोलासन से सुरेश कुमार, डडूसन बीरबल, वंडालो का गोलिया से अशोक कुमार, जैरोल से राजेंद्र कुमार, करावडी से पालू सारण, मौखातरा से सुरेश कुमार, मौखातरा से सुनील कुमार, राजीव नगर से सत्य कुमार जाणी, राजीव नगर से सोमी कुमारी, ढाको की ढाणी से गोपाल विश्नोई, नैनोल से योगेश कुमार, सेवडा से अशोक विश्नोई, सेडिय़ा से पूराराम, दीगांव से सुरेश कुमार, दीगांव से राजेश कुमार, भाटीप से प्रकाश कुमार और रायपुर से सुरेश कुमार के खिलाफ मामले दर्ज हुए। इस तरह 8 तारीख को 72 में से 71 आरोपी जालोर के है।

पूर्ववर्ती गहलोत सरकार में हुई भर्ती

पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की कांग्रेस सरकार के कार्यकाल (2018-2022) में रीट परीक्षा आयोजित हुई थी। अध्यापक पात्रता परीक्षा 2018 लेवल 1 और 2 में पेपरलीक के आरोप लगे थे। जिसके बाद रीट परीक्षा 2021 लेवल 1 और 2 करवाई गई, जिसे पेपर लीक के बाद रद्द करना पड़ा था। जिसके एवज में तत्कालीन सरकार ने फिर से रीट परीक्षा 2022 लेवल 1 और 2 करवाई गई थी। रीट 2018 और 2022 में पेपर लीक और धांधली के आरोप पहले भी लगे थे, लेकिन अब ठोस सबूतों के आधार पर कार्रवाई की जा रही है।