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जैन धर्म के अठारहवें तीर्थंकर भगवान अरहनाथ का मनाया गर्भ कल्याणक महोत्सव

जैन धर्मावलंबियों की ओर से जैन धर्म के अठारहवें तीर्थंकर भगवान अरहनाथ का गर्भ कल्याणक महोत्सव भक्ति भाव से मनाया गया। इस मौके पर शहर के दिगम्बर जैन मन्दिरों में पूजा अर्चना के विशेष आयोजन किए गए।

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जयपुर. जैन धर्मावलंबियों की ओर से जैन धर्म के अठारहवें तीर्थंकर भगवान अरहनाथ का गर्भ कल्याणक महोत्सव भक्ति भाव से मनाया गया। इस मौके पर शहर के दिगम्बर जैन मन्दिरों में पूजा अर्चना के विशेष आयोजन किए गए। अखिल भारतवर्षीय दिगम्बर जैन परिषद के प्रदेश उपाध्यक्ष विनोद जैन कोटखावदा के मुताबिक इस मौके पर श्रद्धालुओं द्वारा प्रातः भगवान अरहनाथ के अभिषेक के बाद विश्व में सुख शांति और समृद्धि की कामना करते हुए शांतिधारा की गई । तत्पश्चात श्री जी की अष्ट द्रव्य से पूजा की जाकर पूजा के दौरान गर्भ कल्याणक श्लोक - "फागुन सुदी तीज सुखदाई। गरभ सुमंगल ता दिन पाई।। मित्रादेवी उदर सु आये। जजे इन्द्र हम पूजन आये।। "का उच्चारण करते हुए भगवान का गर्भ कल्याणक अर्घ्य चढाया गया । अन्त में 108 दीपकों से महाआरती के बाद समापन हुआ ।


शांतिनाथ जी की खोह स्थित श्री शांतिनाथ दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र, श्री पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र चूलगिरी , मंदिर संघीजी सांगानेर, मोती सिंह भोमियों का रास्ता स्थित चौबीस महाराज के मंदिर सहित अन्य मंदिरों में विशेष धार्मिक आयोजन किए गए। अभादिजैन परिषद के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य एवं प्रदेश उपाध्यक्ष विनोद जैन 'कोटखावदा' के अनुसार गुरुवार को जैन धर्म के 19 वें तीर्थंकर भगवान मल्लिनाथ का मोक्ष कल्याणक मनाया जाकर निर्वाण लाडू चढाया जाएगा। शनिवार को आठवें तीर्थंकर भगवान चन्द्रप्रभू का मोक्ष कल्याणक महोत्सव मनाया जाएगा । मोक्ष का प्रतीक निर्वाण लाडू चढ़ाया जाएगा । रविवार 17 मार्च को तीसरे तीर्थंकर भगवान संभवनाथ का गर्भ कल्याणक दिवस मनाया जाएगा।

अष्टानिका महापर्व रविवार से

रविवार से जैन धर्म का शाश्वत अष्टानिका महापर्व का शुभारंभ होगा जो सोमवार 25 मार्च तक चलेगा। इस दौरान शहर के जैन मंदिरों में मण्डल विधान पर सिद्ध चक्र विधान, न्दीश्वर द्वीप विधान सहित पूजा अर्चना के विशेष आयोजन किए जाएंगे ।सायंकाल संगीतमय महाआरती, भक्ति संध्या सहित सांस्कृतिक कार्यक्रम होगें।