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राजस्थान केंद्रीय विश्वविद्यालय में लद्दाख की पीएचडी स्कॉलर ने किया सुसाइड, हुआ अंतिम संस्कार, CURAJ प्रशासन सवाल के घेरे में

PhD scholar from Ladakh dies by suicide in CURAJ : राजस्थान केंद्रीय विश्वविद्यालय में एक और छात्रा ने आत्महत्या कर ली है। छह माह के अंदर आत्महत्या का यह दूसरा मामला है। माता-पिता ने लद्दाख निवासी छात्रा फ़ुन्स्टॉग डोल्मा (Phunstog Dolma) (28 वर्ष) का किशनगढ़ में ही अंतिम संस्कार कर दिया है। अब सवाल है कि छात्रा आत्महत्या क्यों की थी? क्या अगर एम्बुलेंस का ऑक्सीजन सिस्टम खराब नहीं होता तो छात्रा की जान बच सकती थी?

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PhD scholar suicide

राजस्थान केंद्रीय विश्वविद्यालय में छह माह के अंदर एक और छात्रा ने आत्महत्या कर ली। छात्रा फ़ुन्स्टॉग डोल्मा (28 वर्ष) विश्वविद्यालय में पीएचडी स्कॉलर थी। माता-पिता ने अपनी बेटी का अंतिम संस्कार किशनगढ़ में ही कर दिया। विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राएं गुस्से में हैं। और विश्वविद्यालय प्रशासन का जमकर विरोध किया। गुरुवार को कुलपति के आश्वासन के बाद विरोध प्रदर्शन खत्म हुआ। कुलपति प्रो आनंद भालेराव ने आश्वासन दिया कि इस पूरे प्रकरण का किसी रिटायर्ड जज से जांच कराएंगे। साथ विद्यार्थियों की समस्याओं के लिए हाई लेवल कमेटी के गठन करेंगे। बताया जा रहा है कि फ़ुन्स्टॉग डोल्मा को 10 दिन बाद घर लौटना था। पर बुधवार मध्यरात्रि को हॉस्टल के अपने रूम में फंखे से लटक कर अपनी जान दे दी। रूम में उस वक्त कोई छात्रा नहीं थी। अभी तक जानकारी के अनुसार, फ़ुन्स्टॉग डोल्मा ने किस वजह से सुसाइड किया था, इसका पता नहीं चला है।



फ़ुन्स्टॉग डोल्मा पंखे पर लटकी हुई थी

पुलिस ने बताया मृतक छात्रा कैंपस के हॉस्टल बी-1 में रहती थी। बताया जा रहा है कि रात आठ बजे फुन्स्टाॅग डोलमा ने खाना खाया फिर अपने अपने हॉस्टल के रूम में लौट गई। उसके बाद दूसरी छात्राओं ने खिड़की से देखा तो फ़ुन्स्टॉग डोल्मा पंखे पर लटकी हुई थी। इस पर उन्होंने वार्डन को इसकी सूचना दी।

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रूम का दरवाजा तोड़ बाहर निकाला गया

पुलिस ने आगे बताया कि फ़ुन्स्टॉग डोल्मा के रूम का दरवाजा तोड़ा गया और उसे नीचे उतारा गया। फिर विश्वविद्यालय की डिस्पेंसरी पर लेकर गए। जहां प्राथमिक उपचार के बाद किशनगढ़ के सरकारी हॉस्पिटल ले जाया गया।

एम्बुलेंस का ऑक्सीजन सिस्टम था खराब

उधर छात्रों का कहना है कि उस वक्त उसकी सांसें चल रही थी। तत्काल विश्वविद्यालय की एम्बुलेंस बुलाई गई। पर एम्बुलेंस का ऑक्सीजन सिस्टम खराब था। सरकारी हॉस्पिटल ले जाते वक्त बीच रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। विद्यर्थियों ने मेडिकल स्टाफ पर भी कार्रवाई की मांग की।

सवाल के घेरे में विश्वविद्यालय प्रशासन

विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस घटना तब तक पुलिस को सूचना नहीं दी थी। जब मृतका को हॉस्पिटल ले जाया गया तो वहां से पुलिस को सूचना मिली। इधर, जब सुसाइड की जानकारी मिली तो स्टूडेंट रात में ही धरने पर बैठ गए और 7 दिन में घटना की निष्पक्ष जांच करने की मांग करने लगे।

जांच में जुटी किशनगढ़ पुलिस

किशनगढ़ पुलिस पीएचडी स्कॉलर की मृत्यु के कारणों की जांच में जुट गई है। उसकी रूम मेट, होस्टल वार्डन, पीचडी गाइड से पूछताछ की तैयारियां हो रही हैं। छात्रा की मोबाइल कॉल, डाटा भी खंगाला जाएगा। सीसीटीवी फुटेज भी चेक की जा रही हैं। जरूरत पड़ने पर पुलिस कुलपति , डीन से भी पूछताछ भी कर सकती है।

छह माह पूर्व भी एक आत्महत्या हुई थी, नहीं हुआ खुलासा

विश्वविद्यालय के छात्रों के अनुसार करीब छह माह पहले ही एक और छात्रा ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। वह माइक्रोबायोलॉजी प्रथम वर्ष की छात्रा थी। लाम्बाहरिसिंह निवासी सलोनी गर्ल्स हॉस्टल के ब्लॉक 4 में रहती थी। इस आत्महत्या का अभी तक खुलासा नहीं हो सका है।

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