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जयपुर में दो स्क्रेपिंग सेंटर शुरू, पुराने वाहन स्क्रैप कराने पर मिलेगा बड़ा गिफ्ट

Vehicle Scrap Policy : अब पुराने व कंडम वाहन को स्क्रैप कराने के लिए भटकना नहीं होगा। जयपुर में दो स्क्रेपिंग सेंटर शुरू किए गए हैं। अपने वाहन स्क्रैप कराने पर सरकार एक बड़ा गिफ्ट देगी।
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जयपुर

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Sanjay Kumar Srivastava

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Updated: 18 Jul 2023, 7:57 AM IST

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जयपुर में दो स्क्रेपिंग सेंटर

Jaipur Two Scraping Centers Started : राजस्थान में स्क्रेपिंग पॉलिसी लागू हो गई है। अब पुराने व कंडम वाहन को स्क्रैप कराने के लिए जगह - जगह भटकना नहीं पड़ेगा। और तमाम कानूनी पचड़े से भी बचे रहेंगे। और साथ में अपने वाहन को स्क्रैप कराने के बाद सरकार आपको एक गिफ्ट देगी। यह गिफ्ट आपको हैरान करने वाला होगा। तो अब प्रदेश में पुराने व कंडम वाहन अब आसानी से स्क्रैप हो सकेंगे। जयपुर में दो स्क्रेपिंग सेंटर शुरू किए गए हैं। परिवहन आयुक्त के एल स्वामी ने सोमवार को दो सेंटर्स को स्क्रेपिंग का लाइसेंस जारी किया। यह दोनों स्क्रेपिंग सेंटर जयपुर जिले में ही है। पहला सेंटर अजमेर रोड पर महला में शुरू किया गया है। वहीं दूसरा स्क्रेपिंग सेंटर माधो राजपुरा फागी में शुरू किया गया है। इन स्क्रेपिंग सेंटर पर निजी वाहनों के साथ-साथ पुराने सरकारी वाहनों को भी स्क्रैप किया जाएगा। वहीं पुराने वाहन स्क्रैप किए जाएंगे जिन्होंने 15 वर्ष की आयु पूरी कर ली होगी।



नए वाहन पर मिलेगी 25 फीसद छूट

पुराने व कंडम वाहन स्क्रैप करवाने से फायदा मिलेगा। स्क्रैप करवाने के बाद एक प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा। यह प्रमाण पत्र नए निजी वाहन की खरीद पर दिखाने पर ओटीटी (वन टाइम टैक्स) में 25 फीसद की छूट मिलेगी। मतलब सरकार आपको एक बड़ा गिफ्ट देगी। स्क्रेपिंग प्रमाण पत्र को कमर्शियल वाहन की खरीद पर दिखाने पर मोटर वाहन टैक्स में 15 फीसद की छूट मिलेगी। यह छूट आने वाले 8 साल तक दी जाएगी।

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चोरी हुए वाहनों की मिलेगी जानकारी

कमाल है कि, स्क्रैप कराने आने वाले वाहनों से चोरी किए गए वाहनों का भी पता चलेगा। मतलब जो वाहन स्क्रैप होने आएंगे, उनका डेटा एनआईसी की ओर से तैयार पोर्टल पर डाला जाएगा। यह पोर्टल एनसीआरबी से लिंक होगा। जानकारी डालते ही पता चल जाएगा कि वाहन चोरी का है या नहीं। तय समयावधि पूरी होने पर ही वाहन को स्क्रैप किया जाएगा।

स्क्रैप करवाने की फीस नहीं होगी, पैस मिलेंगे

स्क्रैप करवाने पर आपको कोई फीस नहीं चुकानी पड़ेगी। बल्कि आपको पैसे दिए जाएंगे। दरअसल जब भी कोई वाहन स्क्रैप के लिए जाएगा तो उसे अलग-अलग किया जाएगा। स्टील, लोहा अलग होगा। और उसकी कीमत के हिसाब से पैसे दिए जाएंगे। वहीं स्क्रेपिंग सेंटर में मौजूद अलग-अलग मशीनों से उसे स्क्रैप कर की री—साइकिल किया जाएगा।

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