
फोटो पत्रिका नेटवर्क
चंदवाजी (जयपुर)। डिजिटल इंडिया के दौर में तकनीक जहां काम आसान कर रही है, वहीं कभी-कभी ऐसी चूक भी सामने आ जाती है जो पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े कर देती है। ऐसा ही एक हैरान करने वाला मामला चंदवाजी क्षेत्र में सामने आया, जहां एक कार चालक को “बिना हेलमेट” वाहन चलाने का ऑनलाइन चालान थमा दिया गया।
जुगलपुरा निवासी सूंडाराम 12 अप्रेल को अपनी कार से घर लौट रहे थे। रास्ते में कहीं कोई पुलिसकर्मी नहीं, कोई रोक-टोक नहीं… लेकिन बाद में मोबाइल पर मैसेज आया—1000 रुपए का चालान, कारण: “बिना हेलमेट वाहन चलाना”! अब सवाल ये कि कार में हेलमेट कब से जरूरी हो गया?
यह चालान जुगलपुरा के पास किसी लोकेशन पर ऑनलाइन सिस्टम के जरिए जनरेट हुआ। मामला सामने आते ही क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया। क्या अब कार चालकों को भी हेलमेट पहनना पड़ेगा या फिर सिस्टम आंख मूंदकर चालान काट रहा है?
पीड़ित सूंडाराम ने जब परिवहन विभाग से संपर्क किया, तो उन्हें सीधा जवाब देने के बजाय ऑनलाइन शिकायत करने की सलाह दे दी गई। यानी गलती सिस्टम की और चक्कर आम आदमी के!
स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर फोटो व वाहन की सही जांच किए बिना ही चालान काटे जाएंगे, तो यह तकनीक सुविधा के बजाय परेशानी का कारण बन जाएगी। ऐसे मामलों से न केवल लोगों का भरोसा कमजोर होता है, बल्कि सिस्टम की विश्वसनीयता पर भी सवाल उठते हैं।
हाल ही में नागौर शहर की ट्रैफिक पुलिस ने जीरो कार्बन उत्सर्जन करने वाली इलेक्ट्रिक कार का ही प्रदूषण मानकों के उल्लंघन में चालान कर दिया गया था। कृषि मंडी तिराहे पर काली फिल्म लगी एक ईवी कार को रोककर जांच की गई थी, जहां कार चालक और पुलिसकर्मी के बीच बहस हो गई।
इसके बाद ट्रैफिक पुलिस कर्मी ने काली फिल्म, प्रकाश मानकों के दृश्य संचरण के गैर अनुपालन के मामले में 200 रुपए और पॉल्यूशन उल्लंघन के मामले में 1500 रुपए का चालान कर दिया था। घटना का वीडियो किसी ने बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया था, जिसके बाद मामला चर्चा का विषय बन गया।
Published on:
21 Apr 2026 03:11 pm
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