
Chhath Puja Samagri Sandhya Arghya Muhurat Sunset Time 20 Nov 2020
जयपुर. आज कार्तिक शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि है जिसे सूर्य षष्ठी भी कहा जाता है। चार दिवसीय छठ पर्व का आज तीसरा दिन है। ये मुख्य पूजा का दिन है अर्थात आज सांध्य अर्घ्य दिया जाएगा। छठ मैया बच्चों की रक्षा करने वाली मानी जाती हैं। इस व्रत से संतान की आरोग्यता का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
ज्योतिषाचार्य पंडित सोमेश परसाई बताते हैं कि मुख्य पूजा के दिन छठ मैया का पूजनकर सूर्य देव को अर्घ्य दिया जाता है। छठ मैया को सूर्यदेव की बहन माना जाता है। उन्हें मां दुर्गा के छठे रूप कात्यायनी मैया के रूप में भी जाना जाता है। मान्यता है कि सूर्य षष्ठी पर सूर्य देव को जल अर्पित करने पर उनकी बहन छठ माता सभी मनोकामनाएं पूरी करती हैं।
छठ पूजा में प्रसाद ठेकुआ के साथ ही पत्ते लगे 5 गन्ने, शकरकंदी, सुथनी, मूली, अदरक का हरा पौधा, नींबू, शरीफा, केला, नाशपाती, नारियल, मिठाई, गुड़, गेहूं, चावल का आटा, चावल, शहद, धूप, पान, सुपारी, हल्दी, लाल सिंदूर, बड़ा दीपक, आम के पत्ते, कैराव, कपूर, कुमकुम और चंदन की आवश्यकता होगी।
आज यथासंभव नए या स्वच्छ परिधान पहनें। सूर्य पूजा के लिए सूप, बांस की दो बड़ी टोकरियां, दूध और जल के लिए एक कलश और थाल भी लेना होगा।
छठ पूजा मुहूर्त 2020
20 नवंबर संध्या अर्घ्य— सूर्यास्त का समय 05.25 बजे
21 नवंबर उषा अर्घ्य— सूर्योदय का समय 06.48 बजे
Published on:
20 Nov 2020 08:15 am
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