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छीजत की आड़ में चलाई ‘कैंची’

बिजली चोरी की सजा ईमानदार उपभोक्ता भी भुगत रहे हैं। आलम यह है कि बिजली चोरी की छीजत रोकने की आड़ में जिले के गांव-ढाणियों में रात 11 बजते ही जयपुर डिस्कॉम की ओर से बिजली बंद कर दी जाती है। 

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बिजली चोरी की सजा ईमानदार उपभोक्ता भी भुगत रहे हैं। आलम यह है कि बिजली चोरी की छीजत रोकने की आड़ में जिले के गांव-ढाणियों में रात 11 बजते ही जयपुर डिस्कॉम की ओर से बिजली बंद कर दी जाती है।

इसी प्रकार दिन में सुबह 11 से दोपहर 3 बजे तक आपूर्ति ठप की जा रही है। इससे जिले के उपभोक्ताओं को 24 में से बामुश्किल 7 से 8 घंटे सिंगल फेज बिजली मिल पा रही है। ऐसे में गांवों में जलापूर्ति बाधित होने के साथ ही बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी में जुटे विद्यार्थी परेशान हैं।

जिले में चोरी के रूप में हो रही बिजली की छीजत को देखते हुए निगम की ओर से गत एक फरवरी से जिले के पांच फीडर के 26 गांवों में बिजली कटौती की जा रही है। इसके तहत निगम की ओर से चिह्नित गांवों में सुबह व शाम केवल चार-चार घंटे बिजली उपलब्ध कराई जा रही है।

निगम अभियन्ताओं का
मानना है कि दो माह बाद इन फीडरों में छीजत का आंकड़ा 30 फीसदी तक आ जाएगा। इसके बाद उन्हें भी पूरी बिजली दी जाएगी। इसके साथ ही हिदायत दी गई है कि किसी भी चिह्नित फीडर में निर्धारित समय से अधिक बिजली आपूर्ति की गई तो सम्बन्धित अभियन्ता के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

इन फीडर पर सिंगल फेज
निगम के अनुसार अहमदपुरा चौकी फीडर से जुड़े अहमदपुरा चौकी, बोरदी, मोहम्मदपुरा नयागांव, रूपपुरा खेड़ा, उनियारा फीडर के बिशनपुरा, गफूरपुरा, रिजोदा, पंचाली, सीतापुरा फीडर के सीतापुरा, सुजानपुरा, बेनपा, टोडा का गोठड़ा, राजकोट, कल्याणपुरा, गोपालपुरा, लक्ष्मीपुरा, सरदारपुरा, बारेड़ा, बावड़ी फीडर से जुड़े लाम्बाकला, बावड़ी, बनेडिय़ा बुजुर्ग, माधोगंज, बीलामाता, सदापुरा, कल्याणपुरा जाटान आदि गांव शामिल हैं।

विभाग के अनुसार इनमेंं सुबह पांच से नौ बजे तक व शाम को 6 से रात 10 बजे तक सिंगल फेज आपूर्ति की जा रही है।

...फिर भी कटौती
जिले के अन्य गांवों में भी निगम की ओर से रात 11 बजे बाद बिजली काटी जा रही है। जबकि अन्य गांवों में छीजत नहीं के बराबर है। छान निवासी मुन्ना खां ने बताया कि दिन-रात हो रही बिजली कटौती से पानी की टंकियां रीती पड़ी है।

महिलाएं दूर से पानी लाने पर विवश हैं। अरनिया नील निवासी मुकेश जैन का कहना है कि अधिकतर उपभोक्ता समय से बिलों की राशि भरते हैं।

इसके बावजूद गांव में घंटों बिजली कटौती की जा रही है। चोरी पर अंकुश लगाने के स्थान पर कटौती या फिर ट्रांसफॉर्मर ही उतार ले जाना ईमानदार उपभोक्ताओं के साथ अन्याय है।

फैक्ट फाइल
जिले में कुल उपभोक्ता-एक लाख 92 हजार 408
उपभोक्ताओं में कुल बकाया राशि-4108.53 लाख
जिले में बिजली के काटे गए कनेक्शन-42 हजार 7
सरकारी कार्यालयों पर बकाया-663.90 लाख

...तो यह गलत है
कटौती के आदेश उन्हीं फीडरों के लिए हैं, जिनमें बिजली चोरी 30 प्रतिशत से अधिक है। चिह्नित फीडरों के 26 गांवों के अलावा कहीं भी बिजली कटौती की जा रही है तो यह गलत है।
के. जी. कांवट, अधीक्षण अभियन्ता जयपुर डिस्कॉम टोंक।

कटौती बनी बैरन
अलीगढ़ ञ्च पत्रिका. चौरू गांव में बिजली की अघोषित कटौती के चलते ग्रामीणों को अंधेरे में जीवनयापन करना पड़ रहा है। सरपंच ममता नागर ने बताया कि चौरू कस्बे में बिना सूचना के रात के 10 बजते ही बिजली काटी जा रही है। सुबह उजाला होने के बाद ही बिजली बहाल हो पाती है। इससे विद्यार्थियों की पढ़ाई बाधित है।

बोर्ड परीक्षाएं नजदीक
रात 11 बजे बाद बिजली कटौती से विद्यार्थियों का अध्ययन बाधित है। जबकि बोर्ड परीक्षाएं नजदीक हैं। इसके साथ ही पटवारी सहित अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में सैकड़ों अभ्यर्थी भी कटौती से परेशान हैं।