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लोगों ने किया अतिक्रमण बच्चों के पार्क बने पार्किग की जगह

शहर में एक तरफ बच्चों को खेलने के लिए पार्क नहीं है, वहीं अब लोगों ने ही पार्कों में अतिक्रमण कर रखा है।

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लोगों ने किया अतिक्रमण बच्चों के पार्क बने पार्किग की जगह

अब पार्क घूमने-फिरने और खेलने के लिए नहीं बल्कि अपनी गाडिय़ां रखने, कपड़े सुखाने और घर का सामान रखने में काम आ रहे हैं। ऐसा नहीं है कि इन पार्कों पर नगर निगम या स्थानीय पार्षदों की नजर नहीं पड़ती, लेकिन आज तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है। बरसों से इन पार्कों में अतिक्रमण हो रहा है। अधिकांश पार्क से सटे मकानों के मालिकों ने घर के पीछे का गेट पार्कों में ही बना दिए हैं। कुछ पार्क ऐसे हैं, जो सिर्फ नाम के ही पार्क है। एक बाउंड्रीवॉल खींचकर पार्क के नाम का बोर्ड लगाकर निगम ने इतिश्री कर ली है। राजस्थान पत्रिका ने मालवीय नगर सेक्टर९,१०,११,१२,१३ सहित कई पार्कों का जायजा लिया।

आस-पास के लोगों का कहना है कि यदि कोई पार्क में रखे सामान के लिए मकान मालिक को टोकते भी हैं, तो लड़ाई-झगड़ा करने पर उतारू हो जाते हैं। इसलिए कोई कुछ नहीं बोलता है।

पार्क बना पार्किंग

सेक्टर १० स्थित शिव पार्क को यदि पार्किंग कहा जाए, तो कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी। आस-पास के लोगों ने इसे गाडिय़ां पार्क करने का स्थल ही बना दिया है। आस-पास कारें सब इसी पार्क में खड़ी होती हैं। यही हाल सेक्टर १३ स्थित रानी लक्ष्मीबाई पार्क का है। यहां भी कार पार्किंग की जाती है। साथ ही सेक्टर१० की चतुर्वेदी उद्यान में लोगों ने पार्क में कूलर, टंकियां और गाडिय़ां खड़ी करने की जगह बना दी है।

गेट पर बना कचरा डिपो

जिनके नाम पर मालवीय नगर की स्थापना हुई उन्ही के नाम का पार्क आज अपनी दुर्दशा पर आसूं बहा रहा है। सेक्टर १३ स्थित पं. मदन मोहन मालवीय उद्यान की मुख्य द्वार पर निगम की ओर से कचरा डिपो बना दिया है। गेट पर दो बड़े कचरा पात्र रखे हुए हैं, जिससे आस-पास गंदगी होने से गायों और सूअरों का जमावड़ा लगा रहता है। पार्क में सिर्फ वॉक-वे बना हुआ है। बच्चों के खेलने की कोई व्यवस्था नहीं है। एक-दो झूले लगे हुए हैं। पार्क की दीवार भी टूटी हुई है।

क्या ये पार्क है?

सेक्टर ९ स्थित एक पार्क की हालत तो और भी खराब है। इसे देखकर कोई नहीं कह सकता कि ये पार्क है। बरसों से पार्क की साफ-सफाई ही नहीं हुई हैं। अब तो यहां झाड़-झंखाड़ उग गए हैं। साथ ही टूटे झूलों को भी एक कोने में रख दिया है। इस पार्क में आवासन मंडल का ऑफिस भी संचालित है।

सुखाओ कपड़े, लगाओ बिस्तर

कई पार्कों की हालत तो ऐसी है कि लोगों ने इसे अपना बाथरूम ही बना लिया है। कपड़े भी यहीं धोते हैं और सुखाते भी पार्क में ही है। ऐसे में आस-पास के बच्चे खेलें तो कहां खेलें।

इनका कहना है-

मौका मुआयना करके कोशिश की जाएगी। जनता की सहमति से सबको साथ लेकर पार्कों के अतिक्रमण को हटाया जाएगा।

विमलेश मीणा, चेयरमैन, उद्यान, नगर निगम

पार्कों को विकसित करने के लिए योजना बनाई जाएगी। जहां अतिक्रमण करके पार्कों में पार्किंग की जा रही उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

बद्री प्रसाद शर्मा, उद्यान उपायुक्त, नगर निगम

लोगों का समझना चाहिए कि पार्क सार्वजनिक है। इस पर अतिक्रमण नहीं करना चाहिए। अतिक्रमण हटवाने के लिए नगर निगम को लिखित में दिया जाएगा।

शालिनी चावला, पार्षद, वार्ड-५२