
Chinese manjha
Bird Safety: जयपुर। मकर संक्रांति का पर्व खुशियों, रंग-बिरंगी पतंगों और खुले आसमान में उमंग के साथ मनाया जाता है, लेकिन कई बार यही खुशी चाइनीज मांझे के कारण दर्द और हादसों में बदल जाती है। इसी को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने नायलॉन और सिंथेटिक सामग्री से बने चाइनीज मांझे तथा कांच या लोहे के चूर्ण से लेपित घातक धागों के विक्रय, भंडारण और उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध के आदेश जारी किए हैं।
पशुपालन एवं गोपालन मंत्री जोराराम कुमावत ने प्रदेशवासियों को मकर संक्रांति की शुभकामनाएं देते हुए भावुक अपील की कि हमारी खुशी किसी बेजुबान पक्षी या मासूम पशु की जान का कारण नहीं बननी चाहिए। उन्होंने कहा कि चाइनीज मांझे से हर साल कई पक्षी घायल होते हैं और कई बार उनकी दर्दनाक मृत्यु भी हो जाती है, जो किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है। मंत्री ने आमजन से आग्रह किया कि पतंग उड़ाने के लिए केवल सुरक्षित और वैकल्पिक सूती धागों का ही उपयोग करें।
शासन सचिव डॉ. समित शर्मा ने बताया कि एनजीटी के निर्देशों के अनुसार सभी जिला कलेक्टरों और पुलिस विभाग को आदेशों का सख्ती से पालन कराने तथा उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, सभी जिलों में विशेष पक्षी चिकित्सा एवं बचाव शिविर लगाए जाएंगे और जनजागरूकता अभियान चलाया जाएगा।
विभाग ने लोगों से यह भी अपील की है कि सुबह 6 से 8 बजे और शाम 5 से 7 बजे, जब पक्षियों की आवाजाही अधिक होती है, उस समय पतंगबाजी से परहेज करें। सुरक्षित पतंगबाजी अपनाकर ही हम त्योहार की खुशियों को सच्चे अर्थों में संजो सकते हैं।
Updated on:
08 Jan 2026 03:52 pm
Published on:
08 Jan 2026 03:51 pm
बड़ी खबरें
View Allजयपुर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
