
जयपुर।
चूरू जिले के खारिया गांव के महज़ 19 महीने के मासूम को अन्य बच्चों की तरह स्वस्थ होने के लिए एक या दो करोड़ नहीं, बल्कि पूरे 16 करोड़ कीमत के ज़ोलगेन्स्मा इंजेक्शन की सख्त जरूरत है। दरअसल इस मासूम का नाम हेमन्त है और ये 'एसएमए-2' नामक की दुर्लभ और गंभीर बीमारी से जूझ रहा है।
हेमंत के परिजनों का कहना है कि इसके इलाज के लिए 16 करोड़ कीमत का ज़ोलगेन्स्मा इंजेक्शन काफी मददगार साबित हो सकता है। अगर जल्द-से-जल्द हेमन्त को ये इंजेक्शन नहीं लगाया जाएगा तो आगे चलकर इसकी जान को खतरा भी हो सकता है।
परिजन बताते हैं कि हेमन्त का आधा शरीर काम नहीं कर रहा है। ऐसे में समय पर दवा नहीं मिलने से उसकी परेशानी और ज़्यादा बढ़ सकती हैै।
पिता मजदूर, इसलिए 'मजबूर'
हेमन्त के पिता विजेन्द्र सिंह मजदूरी का काम करते हैं, लिहाज़ा वे इतने महंगे इंजेक्शन खरीदने और इलाज करवा पाने की स्थिति में नहीं हैं। अपने जिगर के टुकड़े हेमन्त के लिए 16 करोड़ रुपये का इंजेक्शन नहीं खरीद पाने की मजबूरी के कारण ही वे अब मदद के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हो रहे हैं।
मोदी-गहलोत से मदद की गुहार
चूरू के उन्नीस माह के बच्चे हेमन्त सिंह के इलाज के लिए अब मदद के हाथ उठने लगे हैं। सम्पूर्ण शराबबंदी आंदोलन की राष्ट्रीय अध्यक्षा पूनम अंकुर छाबड़ा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और प्रदेश के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को पत्र लिखकर बच्चे की जान बचाने का आग्रह किया है।
जानकारी के अनुसार हेमंत की बीमारी की जानकारी जस्टिस फ़ॉर छाबड़ा संगठन के सचिव विकास दौलतपुरा ने दी थी , जिसके बाद बच्चे के परिजन ने पूनम अंकुर छाबड़ा से मुलाकात कर मदद मांगी। इसके बाद पूनम अंकुर छाबड़ा ने प्रधानमंत्री और प्रदेश के मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर इस बच्चे की जान बचाने के लिए इंजेक्शन की व्यवस्था करने में सहयोग का आग्रह किया है।
Published on:
11 Aug 2021 11:50 am
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