
जयपुर।
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का कहना है कि जातियों के आधार पर कोई मुख्यमंत्री नहीं बनता। उन्होंने खुद को माली-सैनी समाज का बताते हुए कहा है कि पूरी विधानसभा में इस जाति के वे एकमात्र विधायक हैं। साथ ही पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी से लेकर राजीव गांधी और नरसिम्हा राव तक की सरकार में मंत्री रहने का सौभाग्य मिलने से अपने आप को लकी मानते हैं।
रविवार को भरतपुर दौरे के दौरान मुख्यमंत्री अशोक गहलोत उच्चैन के नदबई विधानसभा क्षेत्र में विभिन्न विकास कार्यों के शिलान्यास एवं लोकार्पण समारोह में शिरकत कर रहे थे। इस दौरान जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कई बातें कहीं। खासतौर से जातिवाद को लेकर अपना नज़रिया भी साझा किया।
'जातियों के आधार नहीं बनते मुख्यमंत्री'
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा, ''आज मैं मुख्यमंत्री हूं, मैं चाहता हूं कि हर कौम की सेवा करूं, चाहे वो जाट हों, गुर्जर हों, राजपूत हों, कुशवाहा हों, जाटव हों, ब्राह्मण हों, बनिया हों, मीणा हों, जो भी कौम के लोग हैं, कोई भी हों, क्योंकि मैं इस बात को जानता हूं कि जातियों के आधार कोई मुख्यमंत्री नहीं बनते हैं।''
'36 कौम का मिला प्यार-आशीर्वाद'
सीएम गहलोत ने कहा, 'मैं जानता हूं कि आज मैं मुख्यमंत्री हूं, अगर छत्तीस कौम मुझसे प्यार नहीं करतीं, मुझे आशीर्वाद नहीं देती, तो मुझे कैसे मुख्यमंत्री बनाया जाता, और वो भी 3-3 बार।''
'मेरी जाति का मैं एकमात्र एमएलए'
मुख्यमंत्री ने कहा, 'सबसे बड़ी बात ये है कि मेरी जाति सैनी, कुशवाहा, माली कहलाती है। विधानसभा में मेरी जाति का एक ही एमएलए है और वो मैं खुद ही हूं। मैं खुद भी कई बार सोचता हूं कि मैं कितना लकी व्यक्ति हूं, कितना सौभाग्यशाली हूं कि राजस्थान की जनता ने मुझे, मेरी कौम का एकमात्र एमएलए होने के बाद भी 3-3 बार मुख्यमंत्री बनाया है।'
'लगातार विशवास कर रहा हाईकमान'
मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा, 'मुझसे बड़ा सौभाग्यशाली व्यक्ति कोई हो सकता है क्या, जिसको जनता ने इतना प्यार दिया, विश्वास किया हाईकमान ने। मैं इंदिरा गांधी जी के साथ में मंत्री था, राजीव जी के साथ में मंत्री था, नरसिम्हा राव जी के साथ में मंत्री था, 3 बार केंद्रीय मंत्री, 3 बार प्रदेश कांग्रेस का अध्यक्ष रहा। 3 बार एआईसीसी का महामंत्री और 3 बार मुख्यमंत्री।
'अंतिम सांस, अंतिम व्यक्ति तक सेवा करना संकल्प'
उन्होंने कहा कि हाईकमान इतना विश्वास मुझ पर कर रहे हैं क्यूंकि राजस्थान के लोगों का प्यार, दुलार, आशीर्वाद साथ में है। मैंने संकल्प ले रखा है कि अंतिम सांस तक जो मेरा सेवा करने का संकल्प है कि सेवा ही कर्म है, सेवा ही धर्म है। अंतिम व्यक्ति जो गांधी जी ने कहा था उसी ढंग से मेरा प्रयास रहेगा कि राजस्थान के हर गरीब के आंसू पोंछूं, चाहे कोई कौम का हो, कोई धर्म का हो, चाहे कोई भी हों। मेरा फर्ज बनता है कि मैं वो सुशासन दूं राजस्थान में जिससे सबका भला हो और राजस्थान का विकास हो।'
Published on:
26 Dec 2022 02:03 pm
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