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लोकसभा चुनाव से पहले एक्शन मोड़ में CM भजनलाल, इन निर्दलीय विधायकों को साथ लाने की कोशिश

Rajasthan Loksabha Election 2024 : राजस्थान में लोकसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान होते ही प्रदेश के दोनों प्रमुख दल सक्रिय होने लगे हैं। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री भजनलाल भी सक्रिय नजर आ रहे है। सीएम शर्मा ने रविवार को राज्य के निर्दलीय विधायकों से मुलाकात कर उनसे चुनाव में समर्थन मांगा।

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Loksabha Election 2024 : राजस्थान में लोकसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान होते ही प्रदेश के दोनों प्रमुख दल सक्रिय होने लगे हैं। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री भजनलाल भी सक्रिय नजर आ रहे है। सीएम शर्मा ने रविवार को राज्य के निर्दलीय विधायकों से मुलाकात कर उनसे चुनाव में समर्थन मांगा। इसे लेकर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सी.पी. जोशी ने कुछ निर्दलीय विधायकों से मुलाकात की।

बताया जा रहा है कि बैठक में सभी निर्दलीय विधायकों को बुलाया गया था। लेकिन बैठक अचानक बुलाए जाने के चलते ज्यादातर निर्दलीय विधायक नहीं पहुंच सके। ऋतु बनावत, चन्द्रभान सिंह आक्या सहित अन्य कुछ निर्दलीय पहुंचे। जिनसे लोकसभा चुनाव में मदद करने को लेकर बात की गई। इस दौरान कुछ निर्दलीय विधायकों ने अपने कामकाज को लेकर भी चर्चा की। सूत्रों के मुताबिक निर्दलीयों के गिले शिकवे सुने गए और सरकार की ओर से उनके क्षेत्रों में विकास कार्यों में पूरा सहयोग देने का आश्वासन दिया गया।

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लोकसभा चुनाव बड़े अंतर से जीतने के लिए भाजपा लगातार कांग्रेस के नेताओं को अपने खेमे में शामिल करने की रणनीति पर काम कर रही है। उन नेताओं को पार्टी में लाया जा रहा है, जिनकी सीटवार जातिगत पकड़ है या फिर जिनके चेहरों को भाजपा चुनावों में भुना सकती है। भाजपा को उम्मीद है कि क्षेत्र के प्रमुख जातिगत चेहरों को साथ लाने से वर्ग विशेष के वोटों में सेंधमारी हो सकती है।

साथ ही जनता में मैसेज देने का प्रयास भी है कि कांग्रेस प्रदेश में कमजोर स्थिति में है और इसके चलते ही वहां भगदड़ मची है। भाजपा ने पहले 1300 से ज्यादा और दूसरे फेज में 82 नेताओं शामिल कर कई सीट पर अपनी सियासी पकड़ मजबूत की है। जाट बाहुल्य वाले क्षेत्र माने जाने वाले चूरू, नागौर, झुंझुनूं, बाड़मेर, सीकर में सियासी मजबूती के लिए पहले नागौर से कांग्रेस की पूर्व सांसद रही ज्योति मिर्धा की शामिल किया।

रिछपाल मिर्धा, विजयपाल मिर्धा सहित कई जाट नेताओं को नागौर सहित आसपास की जाट बाहुल्य सीटों पर जीत के लिए पार्टी में शामिल किया। जयपुर ग्रामीण लोकसभा क्षेत्र से सांसद रहे लालचंद कटारिया को भी पार्टी ने शामिल किया। चूरू से पूर्व कांग्रेस प्रत्याशी रहे प्रताप पूनिया, आरएलपी के पूर्व अध्यक्ष व पूर्व विधायक पुखराज गर्ग भी आ गए।

अलवर और जयपुर ग्रामीण लोकसभा सीट में यादव वोटों की अहमियत पार्टी ने समझी। पहले कोटपूतली से विधायक व पूर्व मंत्री रहे राजेन्द्र यादव को अपने खेमें में शामिल किया। इसके बाद अलवर सीट पर पूर्व सांसद व जाने माने यादव चेहर करण सिंह यादव, जिला प्रमुख बलबीर सिंह छिल्लर, पूर्व लोकसभा प्रत्याशी सुरेश यादव सहित अन्य यादव वर्ग के चेहरों को साथ ले आए।

राजपूत वर्ग में खासा प्रभाव रखने वाले नेताओं को भी साथ लाए। भाजपा से पूर्व विधायक व वर्तमान अजमेर जिला प्रमुख सुशील कंवर पलाड़ा और उनके व्यवसायी पति भंवर सिंह पलाड़ा की भाजपा में वापसी करवा ली।


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