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रीट के बवाल के बाद मुख्यमंत्री ने परीक्षाओं के सफल आयोजन को लेकर बनाई कमेटी

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रतियोगी परीक्षाओं के सफल आयोजन को लेकर उच्च न्यायालय के पूर्व जज की अध्यक्षता में कमेटी का गठन कर दिया है। यह कमेटी 45 दिन में परीक्षाओं के सुचारू आयोजन पर सुझाव देगी। हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त जज विजय कुमार व्यास इसके अध्यक्ष होंगे। कमेटी में आरपीएससी के पूर्व चेयरमैन महेन्द्र कुमावत को सदस्य बनाया गया है।
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रीट के बवाल के बाद मुख्यमंत्री ने परीक्षाओं के सफल आयोजन को लेकर बनाई कमेटी

रीट के बवाल के बाद मुख्यमंत्री ने परीक्षाओं के सफल आयोजन को लेकर बनाई कमेटी

जयपुर।

रीट पेपर लीक मामले के बाद अब राज्य सरकार ने प्रदेश में प्रतियोगी परीक्षाओं को सुचारू रूप से आयोजित करने को लेकर सम्पूर्ण परीक्षा प्रक्रिया का विस्तृत अध्ययन कर सुधारात्मक सुझाव देने के लिए उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीष जस्टिस विजय कुमार व्यास की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है।

इस समिति में पूर्व आईपीएस अधिकारी एवं आरपीएससी के पूर्व चेयरमैन महेन्द्र कुमावत सदस्य होंगे और प्रमुख शासन सचिव कार्मिक सदस्य सचिव होंगे। यह समिति विभिन्न बिंदुओं पर अध्ययन कर अपनी रिपोर्ट 45 दिवस में देगी।

मुख्यमंत्री अशक गहलोत ने गत शुक्रवार को ही उच्च स्तरीय बैठक में प्रतियोगी परीक्षाओं में पूरी गोपनीयता, नकल, पेपर लीक आदि घटनाओं को रोकने के संबंध में सुझाव देने के लिए उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में समिति गठित करने को लेकर निर्देश दिए थे।इस समिति में विभिन्न परीक्षाओं के प्रश्न बैंक के निर्माण, प्रश्र पत्र तैयार करने, प्रिटिंग की प्रक्रिया के दौरान सुरक्षा एवं गोपनीयता का उच्चतम स्तर सुनिश्चित करने, प्रिंटिंग के बाद परीक्षा मुख्यालय तक प्रश्र पत्रों के पहुंचने के दौरान तथा संग्रहण केंद्र पर, संग्रहण केंद्र से परीक्षा केंद्र पहुंचने एवं उसके बाद सुरक्षा एवं गोपनीयता के संबंध में अध्ययन कर सुझाव देगी।

इसी प्रकार परीक्षा केंद्र स्थापित करने के लिए आधारभूत संरचना, परीक्षा के दौरान परीक्षा केंद्र की सुरक्षा एवं गोपनीयता के मापदण्ड तथा उपाय के संबंध में सुझाव देगी। परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्र आवंटन की वस्तुनिष्ठ एवं पारदर्शी प्रक्रिया, परीक्षा के लिए जिला समन्वयक, परीक्षा केंद्र अधीक्षक, सुपरवाइजर, एवं परीक्षा वीक्षक की भूमिका एवं दायित्वों के स्पष्ट निर्धारण तथा किसी भी तरह की कोताही की स्थिति में अनुशासनात्मक कार्यवाही, परीक्षा सम्पन्न होने के बाद उत्तर पुस्तिकाओं के गोपनीयतापूर्वक आयोग या बोर्ड तक परिवहन, उत्तर पुस्तिकाओं की जांच एवं परिणाम जारी होने तक पूर्ण सुरक्षा, गोपनीयता एवं पारदर्शिता के संबंध में भी सुझाव देगी।

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