
मुख्यमंत्री ने जताई नाराजगी, मची खलबली, निकला आदेश जनता का फोन रिसीव नहीं किया तो होगे सस्पेंड
जयपुर. जनता के फोन रिसीव नहीं करने या संतोषजनक जवाब नहीं देने वाले अभियंताओं को अब सस्पेंड किया जाएगा। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ( Cm Ashok Gehlot ) के नाराजगी जताने के बाद जयपुर डिस्कॉम के प्रबंध निदेशक ने सोमवार को इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं।
आदेश में लिखा है कि मुख्यमंत्री ने गहरी नाराजगी जताई है। कनिष्ठ अभियंता, सहायक और अधिशासी से लेकर मुख्य अभियंता व उनकी टीम इस आदेश के दायरे में शामिल है। हालांकि सस्पेंड करने की प्रक्रिया क्या होगी,किस यह स्पष्ट नहीं किया गया। गौरतलब है कि अभी तक ऐसे आदेश कागजों तक सीमित रहे हैं। पिछले दिनों मुख्यमंत्री ने ऊर्जा विभाग की समीक्षा बैठक ली और उसमें मामला उठा तो मुख्यमंत्री ने गंभीरता दिखाई थी।
रिसीव न हो पाए तो बाद में दें जवाब
एमडी के आदेश हैं कि उपभोक्ता हों या आमजन, किसी का भी फोन किसी कारणवश रिसीव न हो पाए तो बाद में जवाब जरूर देना चाहिए।
जनता से लेकर जनप्रतिनिधि तक सब परेशान
जनता के साथ विधायक कालीचरण सराफ, पूर्व विधायक सुरेन्द्र पारीक, मोहनलाल गुप्ता ( Mohan Lal Gupta ) सहित अन्य जनप्रतिनिधियों को भी लगातार शिकायत रही है। यही मामला सोमवार को कलक्ट्रेट में परिवहन मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ( pratap singh khachariyawas ) के निर्देशन में हुई बैठक में भी उछला। विधायक गंगादेवी ने जलदाय विभाग, जयपुर डिस्कॉम, जेडीए व अन्य सरकारी एजेंसियों के प्रतिनिधियों द्वारा फोन रिसीव नहीं करने की शिकायत की।
जवाब मांगते सवाल..
—जयपुर में मुख्य अभियंता, अधीक्षण अभियंता से लेकर एमडी तक की मॉनिटरिंग हो रही है। ऐसे में जनता की इस शिकायत का निस्तारण इनके स्तर पर ही क्यों नहीं हो सका। मुख्यमंत्री तक मामला पहुंचा तो महकमा अलर्ट मोड में आया।
—ऐसे अभियंता या कर्मचारियों के खिलाफ अब तक एक्शन क्यों नहीं लिया गया। उच्चाधिकारी अपने—अपने अधीन कर्मचारी—अभियंताओं को बचाते रहे, ऐसे अफसरों की भी स्क्रीनिंग नहीं की गई।
Published on:
18 Jun 2019 08:00 am
