
जयपुर।
राजस्थान में लोकसभा चुनाव 2019 (Lok Sabha Election 2019) के टिकट वितरण के बाद से ही कांग्रेस पार्टी में असंतोष के सुर बुलंद होते जा रहे हैं। करौली-धौलपुर लोकसभा (Karauli Dholpur Lok Sabha Seat) क्षेत्र में बैरवा वर्ग को टिकट नहीं देने से नाराज कांग्रेस के बैरवा नेताओं ने विरोधी सुर बुलंद कर दिए है। बैरवा वर्ग ने कांग्रेस के उम्मीदवार संजय जाटव (Sanjay Jatav) को टिकट देने का विरोध किया है। बैरवा नेताओं ने सीएम अशोक गहलोत से लेकर कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी तक विरोध जताया है। बैरवा नेताओं का कहना है कि बैरवा को कांग्रेस का परम्परागत वोट बैंक माना जाता है। ऐसे में उनका टिकट काटना सही नहीं है। जाटव को टिकट देने का विरोध करते हुए करौली-धौलपुर के पूर्व सांसद और बसेडी विधायक खिलाड़ी लाल बैरवा (Khiladi Lal Bairwa) ने तो इस्तीफे की पेशकश तक कर दी है।
हमेशा से रहा सियासी प्रतिनिधित्व
राजस्थान कीसियासत में मेघवाल और बैरवा वर्गों को सियासी प्रतिनिधित्व मिलता रहा है। बैरवा कोटे से ही ममता भूपेश को गहलोत सरकार में एकमात्र महिला चेहरे के तौर पर स्वतंत्र प्रभार का राज्य मंत्री बनाया गया है। खिलाड़ी लाल बैरवा यहां से कांग्रेस सांसद बन चुके है। लेकिन अब कांग्रेस ने रणनीति बदलते हुए करौली-धौलपुर सीट पर जाटव कार्ड खेला है।
इनकी संख्या भी हैं काफी
करौली-धौलपुर सीट पर जाटव भी काफी अधिक संख्या में है। यहीं कारण है कि कांग्रेस ने दोनों सीटों भरतपुर और करौली-धौलपुर में जाटव कार्ड खेला है। हालांकि ऐसा कांग्रेस के इतिहास में पहली बार हुआ जब बैरवा को दरकिनार करते हुये जाटव पर दांव खेला गया। ऐसे में संजय जाटव को कांग्रेस प्रत्याशी बनाते ही बैरवा वर्ग आक्रोश में है और कांग्रेस के बैरवा नेता खुलेतौर पर विरोध में खड़े हो गये हैं। बसेड़ी विधायक और पूर्व सांसद खिलाड़ी लाल बैरवा ने तो अपने विधायक पद से इस्तीफा तक देने को तैयार हो गए हैं।
प्रदेश में बैरवा वर्ग की सियासी ताकत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बनवारी लाल बैरवा राज्य के उपमुख्यमंत्री रह चुके हैं। कांग्रेस के अंदर हमेशा बैरवा वर्ग के नेताओं का अच्छा खासा प्रभुत्व रहा है। यही कारण है कि करौली-धौलपुर सीट पर टिकट नहीं मिलने से बैरवा वर्ग से जुड़े कांग्रेस के नेता विरोध में खड़े हो गए हैं। वहीं टिकट कटने के पीछे स्थानीय गुटबाजी को भी बड़ा कारण माना जा रहा है। सुत्रों की माने तो खाद्य नागरिक आपूर्ति मंत्री और अन्य विधायक खुलकर जाटव को टिकट देने के पक्ष में रहे।
Published on:
04 Apr 2019 09:54 am
