
फाइल फोटो पत्रिका
Vote Theft: जयपुर। राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने 2024 लोकसभा चुनावों में कथित "वोटचोरी" के खिलाफ नई दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, विपक्ष के नेता राहुल गांधी और सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा सहित वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं की हिरासत की कड़े शब्दों में निंदा की है। गहलोत ने इसे "लोकतंत्र पर कुठाराघात" करार देते हुए केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर गंभीर सवाल उठाए।
एक्स पर अपनी पोस्ट में गहलोत ने कहा, "वोट चोरी के विरोध में मार्च निकाल रहे कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा समेत अन्य नेताओं को हिरासत में लेना अत्यंत निंदनीय और लोकतंत्र पर प्रहार है। विपक्ष को अपनी बात उठाने का अधिकार है, और प्रदर्शन या मार्च के जरिए ही वे जनता की आवाज को बुलंद करते हैं। नेताओं की हिरासत उनके इस अधिकार का हनन है।"
गहलोत ने केंद्र सरकार और भारतीय चुनाव आयोग (ECI) पर राहुल गांधी द्वारा तथ्यों के साथ उठाए गए वोट चोरी के आरोपों की जांच करने के बजाय ध्यान भटकाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, "चुनाव आयोग का कर्तव्य है कि वह विपक्ष के नेता, आम नागरिक या मीडिया द्वारा उजागर की गई ऐसी गंभीर अनियमितताओं की जांच कराए। लेकिन आयोग का मौजूदा रवैया इस संस्था में जनता के विश्वास को खत्म कर रहा है।"
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं की हिरासत ने विपक्षी समर्थकों में व्यापक आक्रोश पैदा किया है, और इसे लोकतांत्रिक असहमति को दबाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। कांग्रेस ने लोकतांत्रिक सिद्धांतों की रक्षा के लिए अपनी लड़ाई जारी रखने का संकल्प लिया है। गहलोत ने जोर देकर कहा कि सरकार और ECI के ऐसे कदम भारत की चुनावी प्रक्रिया की अखंडता पर जनता के संदेह को और गहरा रहे हैं।
Published on:
11 Aug 2025 05:08 pm
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