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Rajasthan: जयपुर में कांग्रेस का हल्ला-बोल, वोटर लिस्ट गड़बड़ी के विरोध में पैदल मार्च; गहलोत बोले- यह मामला संदिग्ध

Rajasthan Politics: राजस्थान की राजधानी जयपुर में बुधवार को वोटर लिस्ट में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ कांग्रेस पार्टी ने विरोध-प्रदर्शन किया।
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जयपुर

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Nirmal Pareek

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Updated: 13 Aug 2025, 4:25 PM IST

Congress protests in Jaipur

वोटर लिस्ट गड़बड़ी के विरोध में कांग्रेस का प्रदर्शन, फोटो- पत्रिका नेटवर्क

Rajasthan Politics: राजस्थान की राजधानी जयपुर में बुधवार को वोटर लिस्ट में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ कांग्रेस पार्टी ने विरोध-प्रदर्शन किया। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में आयोजित इस पैदल मार्च में पार्टी के दिग्गज नेता और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान 'वोट चोर, गद्दी छोड़' के नारे गूंजे।

इस पैदल मार्च में पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली, पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट, पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खत्री सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने इस आंदोलन में हिस्सा लिया। हालांकि, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पीसीसी कार्यालय तो पहुंचे, लेकिन वे पैदल मार्च में शामिल नहीं हुए।

हम जनता को जागरूक करेंगे- पायलट

पैदल मार्च में बड़ी संख्या में महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं की भी भागीदारी रही, जिसेस प्रदर्शन को और मजबूती मिली। शहीद स्मारक की ओर बढ़ते हुए कार्यकर्ताओं ने निर्वाचन आयोग से वोटर लिस्ट में हुई कथित अनियमितताओं पर स्पष्ट जवाब मांगा।

सचिन पायलट ने वोटर लिस्ट में कथित गड़बड़ियों को कहा कि राहुल गांधी ने वोटों की अनियमितताओं के ठोस सबूत पेश किए हैं, जिनका जवाब निर्वाचन आयोग को देना चाहिए। पायलट ने कहा कि हम जनता को जागरूक करेंगे और वोट चोरी को रोकने के लिए हरसंभव प्रयास करेंगे। मतदान प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करनी होगी ताकि प्रत्येक नागरिक को अपने वोट का अधिकार मिले। उन्होंने आरोप लगाया कि ईडी, सीबीआई जैसी संवैधानिक संस्थाएं सरकार के दबाव में काम कर रही हैं, लेकिन जनता सच्चाई के साथ है और कांग्रेस के साथ खड़ी है।

यह सारा मामला संदिग्ध है- गहलोत

वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, शरद पवार और अखिलेश यादव ने दिल्ली में जो प्रदर्शन किया, उसने पूरे देश में यह संदेश दिया है कि वोटों की चोरी का खेल चल रहा है। राहुल गांधी ने आंकड़ों के साथ अपनी बात रखी, लेकिन निर्वाचन आयोग उनसे हलफनामा मांग रहा है। यह लोकतंत्र के लिए खतरनाक है। बिहार में 60 लाख वोट काटे गए, लेकिन एक भी वोट जोड़ा नहीं गया। यह सारा मामला संदिग्ध है।

सत्ता पर काबिज लोग कुर्सी छोड़ें- डोटासरा

पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि दिल्ली में मौजूदा सरकार वोट चोरी के दम पर सत्ता में आई है। डोटासरा ने दावा किया कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने ठोस सबूतों के साथ यह साबित कर दिया है कि केंद्र की सत्ता फर्जी वोटों के जरिए हासिल की गई है। उन्होंने मांग की कि वोट चोरी के जरिए सत्ता पर काबिज लोग तुरंत अपनी कुर्सी छोड़ें।

डोटासरा ने कहा कि दोहरी रणनीति के तहत लोकतंत्र को कमजोर किया जा रहा है। एक ओर फर्जी वोटों के जरिए सत्ता हथियाई जा रही है, तो दूसरी ओर विपक्ष के समर्थक मतदाताओं को वोटर लिस्ट से हटाया जा रहा है। यह एक दोहरी तलवार है, जिसका मकसद विपक्ष को सत्ता से दूर रखना है। उन्होंने भाजपा पर 'साम, दाम, दंड, भेद' की नीति अपनाने का आरोप लगाया, ताकि विपक्ष किसी भी तरह सत्ता में न आ सके।

शहीद स्मारक पर विरोध भी हुआ

बताते चलें कि पैदल मार्च के दौरान जयपुर के शहीद स्मारक पर पहुंचे कांग्रेस कार्यकर्ताओं को उस समय विरोध का सामना करना पड़ा, जब वहां पहले से लगे एक पोस्टर को लेकर बहस छिड़ गई। यह पोस्टर राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी नेता हनुमान बेनीवाल की ओर से सब इंस्पेक्टर भर्ती रद्द करने की मांग को लेकर लगाया गया था। कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा पोस्टर हटाने की कोशिश का वहां बैठे आरएलपी कार्यकर्ता विकास विधूड़ी और लादू राम ने विरोध किया। इस मुद्दे पर दोनों पक्षों में नोकझोंक भी हुई, लेकिन स्थिति को पुलिस और वरिष्ठ नेताओं ने संभाल लिया।

राष्ट्रीय स्तर पर उठाया जा रहा है ये मुद्दा

बताते चलें कि कांग्रेस का यह प्रदर्शन वोटर लिस्ट में कथित गड़बड़ियों को लेकर जनता के बीच जागरूकता फैलाने और निर्वाचन आयोग पर दबाव बनाने के लिए किया गया है। बता दें कांग्रेस पार्टी ने इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने का निर्णय लिया है। प्रदर्शन में शामिल कार्यकर्ताओं का कहना था कि वे तब तक चुप नहीं बैठेंगे, जब तक वोटर लिस्ट की गड़बड़ियों का सच सामने नहीं आ जाता।