
फोटो- पत्रिका नेटवर्क
Rajasthan Assembly: राजस्थान विधानसभा में मंगलवार को भी प्रश्नकाल की शुरूआत हंगामे के साथ शुरू हुई। इससे पहले राजस्थान विधानसभा के बाहर कांग्रेस के विधायकों ने आज भी विरोध प्रदर्शन किया है। कांग्रेस के नेता आज निकाय और पंचायती राज चुनाव के बैनर लकेर विधासभा पहुंचे, इस दौरान नेताओं और सुरक्षाकर्मियों के बीच बहस भी देखने को मिली है।
बता दें, आज सदन में 'राजस्थान विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध विधेयक 2025' मुख्य चर्चा का केंद्र रहने वाला है। इसका बिल का उद्देश्य जबरन या धोखे से होने वाले धर्म परिवर्तन को रोकना है। इस विधेयक को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच नोकझोंक की पूरी संभावना है।
इससे पहले कांग्रेस विधायकों ने विधानसभा के बाहर पंचायती राज और निकाय चुनाव को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। बैनर लेकर पहुंचे कांग्रेस नेताओं और सुरक्षाकर्मियों के बीच बहस देखने को मिली।
खानपुर विधानसभा क्षेत्र में चोरी और डकैती के मामलों पर उठे सवाल ने सदन में हंगामा खड़ा कर दिया। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने जब इस मुद्दे पर बोलना शुरू किया तो स्पीकर वासुदेव देवनानी ने उन्हें टोकते हुए कहा कि यह खानपुर से संबंधित सवाल है, आपका क्षेत्र नहीं है।जूली ने इसका विरोध करते हुए कहा कि यह महत्वपूर्ण मुद्दा है, हम बोलेंगे। इसके बाद कांग्रेस विधायक वेल में उतर आए और नारेबाजी शुरू कर दी, जिसके बाद स्पीकर ने सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी।
नवलगढ़ से विधायक विक्रम जाखल ने अपर जिला न्यायाधीश की स्थापना का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि नवलगढ़ से झुंझुनू कोर्ट 100 किलोमीटर दूर है, जिससे लोगों को भारी परेशानी होती है। जवाब में संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने बताया कि 1 जनवरी 2023 के बाद 8 जिला न्यायालय और 9 अतिरिक्त मुख्य न्यायाधीश न्यायालय खोले गए हैं।
हालांकि, स्पीकर ने उन्हें टोकते हुए सीधे सवाल का जवाब देने को कहा। पटेल ने स्पष्ट किया कि नए कोर्ट की स्थापना के लिए वित्तीय संसाधन, 1200 से अधिक मुकदमों की संख्या और हाईकोर्ट की सिफारिश जरूरी है। इस जवाब से असंतुष्ट जूली ने सरकार पर तंज कसा कि पौने दो साल में एक भी कोर्ट नहीं खुला, कम से कम एक तो खोलें। जवाब में पटेल ने कहा कि मुख्यमंत्री घोषणा करते हैं और कोर्ट भी वहीं खोलते हैं।
इधर, कांग्रेस विधायक और पूर्व मंत्री शांति धारीवाल ने धर्मांतरण विधेयक को लेकर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यह बिल गलत मंशा से लाया गया है। यह न तो तार्किक है और न ही सामाजिक रूप से उचित। इससे सांप्रदायिकता को बढ़ावा मिलेगा और समाज बंटेगा।
वहीं, आज सुबह विधानसभा की हां पक्ष लॉबी में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 45 मिनट की विधायक दल की बैठक में अतिवृष्टि प्रभावित क्षेत्रों और राहत कार्यों पर चर्चा की। उन्होंने विधायकों को फसल खराबे, जनहानि और पशुहानि की जानकारी प्रभारी मंत्री को देने के निर्देश दिए। साथ ही, 15 सितंबर से शहरी और 17 सितंबर से ग्रामीण सेवा शिविरों में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया।
Updated on:
09 Sept 2025 12:52 pm
Published on:
09 Sept 2025 12:21 pm
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