
जयपुर। भाजपा के आगे लगातार शिकस्त खा रही कांग्रेस ने इस बार राज्य की 25 सीटों पर पड़ोसी राज्यों के करीब 80 सेवादल कार्यकर्ता तैनात करने का निर्णय किया है। इन सीटों की प्रदेश सेवादल ने सूची राष्ट्रीय सेवादल को सौंप दी है। 25 में से 20 सीटें ऐसी हैं, जहां कांग्रेस अब तक 3 से 6 बार लगातार हार चुकी है।
अब इन सीटों पर राज्य में नामांकन प्रक्रिया शुरू होने के साथ हरियाणा, उत्तर प्रदेश, गुजरात, दिल्ली के करीब 80 सेवादल पदाधिकारी प्रचार-प्रसार के लिए मोर्चा संभालेंगे। खास बात यह है कि राष्ट्रीय सेवादल की ओर से चुनाव में प्रचार-प्रसार को लेकर कमजोर सीटों की सूची मांगी गई थी। इसके बाद प्रदेश सेवादल ने प्रदेश कांग्रेस कमेटी से मंथन कर यह सूची तैयार की। सेवादल की तर्ज पर कांग्रेस के अन्य किसी भी अग्रिम संगठन की ओर से अभी तक सूची नहीं मांगी गई है।
सिर्फ जिताऊ फार्मूला
सभी सीटों को लेकर प्रदेश के प्रभारी, सह प्रभारी से लेकर प्रदेश स्क्रीनिंग कमेटी एक-एक सीट पर जातिगत समीकरणों को लेकर मंथन कर रही है। इन सीटों पर इस बार खाता खोलने के लेकर कांग्रेस ने यहां सिर्फ जिताऊ उम्मीदवार को ही टिकट दिए जाने का फार्मूला रखा है।
इन सीटों पर मुश्किल
दौसा, आसींद सीट से कांग्रेस कई बार से चुनाव हार रही है। इसी तरह पाली, बाली, उदयपुर, राजसमंद, लाड़पुरा, थानागाजी, ब्यावर, भरतपुर, नागौर, सूरसागर, सोजत, मसूदा, बांदीकुई, सांगानेर, किशनपोल, रेवदर, गंगानगर, रामगंजमण्डी सीट से कांग्रेस कई बार से खाता नहीं खोल सकी है।
Published on:
01 Nov 2018 10:13 am
